Apple अपने इतिहास में पहली बार टच-स्क्रीन वाला MacBook Pro पेश करने जा रही है। 28 अक्टूबर को होने वाले इवेंट में M6 चिप वाले नए मॉडल भी सामने आएंगे। कंपनी का मकसद Mac और iPad के अनुभव को एक करना है, जिस पर निवेशकों की नजर टिकी है।
बड़ा बदलाव और मुकाबला
Apple अपने दशकों पुराने हार्डवेयर दर्शन (philosophy) को बदलते हुए 28 अक्टूबर को लॉस एंजिल्स में एक इवेंट आयोजित कर रही है। अब तक कंपनी ने Mac और iPad के इंटरफेस को अलग रखा था, लेकिन अब कंपनी विंडोज लैपटॉप को कड़ी टक्कर देने के लिए टच-स्क्रीन तकनीक ला रही है।
क्या होंगे खास फीचर्स?
- OLED डिस्प्ले: नए मॉडल पारंपरिक लिक्विड रेटिना डिस्प्ले को छोड़कर अब OLED पैनल के साथ आएंगे, जो विजुअल परफॉर्मेंस को तो बेहतर करेंगे लेकिन कंपनी की प्रोडक्शन कॉस्ट पर भी असर डाल सकते हैं।
- Dynamic Island: iPhone की लोकप्रिय 'Dynamic Island' सुविधा अब Mac में भी देखने को मिलेगी, जो सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम को एक समान बनाने की कोशिश है।
- M6 चिप: प्रोफेशनल मशीनों के साथ, Apple नए M6 चिप से लैस एंट्री-लेवल MacBook Pro भी लॉन्च करेगी, ताकि मार्केट के बड़े हिस्से को टारगेट किया जा सके।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
बिजनेस के नजरिए से यह कदम लैपटॉप सेगमेंट में पकड़ मजबूत करने के लिए है। हालांकि, मार्केट जानकारों को इस बात की चिंता है कि क्या यह नए टच-स्क्रीन लैपटॉप्स कहीं iPad की बिक्री पर असर (cannibalization) तो नहीं डालेंगे? साथ ही, OLED तकनीक को बड़े पैमाने पर अपनाने से मार्जिन पर क्या असर होगा, यह भी देखने वाली बात होगी।
आने वाले प्रोडक्ट्स
इस इवेंट में केवल लैपटॉप ही नहीं, बल्कि iMac का नया वर्जन और हाई-रिजॉल्यूशन स्क्रीन वाला नया iPad mini भी पेश किया जाएगा। इसके बाद 6 नवंबर से इनकी रिटेल बिक्री शुरू होगी, जो यह तय करेगी कि प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए ग्लोबल डिमांड कितनी मजबूत है।
