Q2 2026 में Apple और Samsung ने दुनिया के टॉप-10 बेस्ट-सेलिंग स्मार्टफोन्स पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है। बाजार में **11%** की गिरावट के बावजूद इन कंपनियों ने अपनी पकड़ मजबूत की है। DRAM और NAND जैसे पार्ट्स की बढ़ती कीमतों के कारण कंपनियां अब सस्ते फोन के बजाय प्रीमियम मॉडल्स पर फोकस कर रही हैं।
प्रीमियम मॉडल्स पर जोर
स्मार्टफोन इंडस्ट्री इन दिनों भारी दबाव में है, जिसकी बड़ी वजह मेमोरी चिप्स (DRAM और NAND) की आसमान छूती कीमतें हैं। AI की बढ़ती डिमांड के चलते इन चिप्स की किल्लत पैदा हो गई है, जिससे एंट्री-लेवल फोन बनाना कंपनियों के लिए महंगा हो गया है। अपनी प्रॉफिट मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए अब कंपनियां बजट फोन की रेंज कम कर रही हैं और अपना सारा ध्यान महंगे और प्रीमियम फ्लैगशिप मॉडल्स पर लगा रही हैं।
कंपनी का हाल और बाजार का रिस्क
इस कठिन दौर में Apple ने अपने iPhone 17 सीरीज की बदौलत बाजार में मजबूती बनाए रखी है। वहीं, Samsung के सामने चुनौतियां अलग हैं। कंपनी ने 90 ट्रिलियन से 110 ट्रिलियन वॉन के बीच शेयरहोल्डर रिटर्न पैकेज का ऐलान तो किया है, लेकिन निवेशक इससे खुश नहीं हैं। उम्मीद से कम रिटर्न प्लान के कारण Samsung के शेयरों में गिरावट देखी गई है।
मौजूदा हालात में अगर मेमोरी चिप्स की सप्लाई का संकट बना रहता है, तो कंपनियों का मार्जिन और भी सिकुड़ सकता है। साथ ही, प्रीमियम सेगमेंट पर अधिक निर्भरता भविष्य में ग्रोथ को सीमित कर सकती है, खासकर तब जब ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है। छोटे प्रतिस्पर्धियों के लिए यह दौड़ और भी कठिन होती जा रही है, क्योंकि मार्केट का पूरा कंसंट्रेशन अब इन दो दिग्गजों के पास आ गया है।
