ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट के आदेश के बाद Apple अपने App Store पर इस गुरुवार से Fortnite को फिर से बहाल करने जा रहा है। हालांकि यह बदलाव फिलहाल सिर्फ ऑस्ट्रेलिया तक सीमित है, लेकिन यह कंपनी के ग्लोबल सर्विस बिजनेस के लिए एक बड़ा रेगुलेटरी खतरा बन सकता है।
ऑस्ट्रेलियाई फेडरल कोर्ट के हालिया फैसले ने Apple को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने माना कि कंपनी का iOS इकोसिस्टम पर कड़ा नियंत्रण लोकल कॉम्पिटिशन कानूनों का उल्लंघन करता है। इसी के चलते Apple को अपने डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन नियमों में बदलाव करना पड़ रहा है।
Apple की कानूनी रणनीति
भले ही गेम की वापसी हो रही है, लेकिन Apple इस फैसले से बिल्कुल सहमत नहीं है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी और स्टे (Stay) की मांग करेगी। Apple का कहना है कि उसका 'वौल्ड गार्डन' मॉडल यूजर्स की सुरक्षा और सॉफ्टवेयर की अखंडता के लिए जरूरी है।
सर्विस रेवेन्यू पर क्या होगा असर?
निवेशकों के लिए यह मामला चिंता का सबब है क्योंकि Apple का सर्विस डिवीजन कंपनी का सबसे हाई-मार्जिन बिजनेस है। अगर अमेरिका या यूरोपीय संघ जैसे अन्य बड़े मार्केट भी ऑस्ट्रेलिया जैसी राह चुनते हैं, तो Apple के उस कमीशन मॉडल पर गाज गिर सकती है, जो उसकी मोटी कमाई का आधार है।
क्या बढ़ेगा दबाव?
यह केस ग्लोबल लेवल पर टेक दिग्गजों और डेवलपर्स के बीच चल रहे कानूनी संघर्ष का हिस्सा है। अगर ऐसे स्थानीय फैसलों का असर वैश्विक नीतियों पर पड़ा, तो Apple को अपने बिजनेस मॉडल में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं, जिसका सीधा असर कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ना तय है।
