Apple ने अपने ऐप स्टोर ऑपरेशंस को सीधे अपनी 'सर्विसेज डिवीजन' के अंडर कर दिया है। दिग्गज एग्जीक्यूटिव Phil Schiller अब डेली ऑपरेशंस से हट गए हैं, जो कंपनी की नई मॉनिटाइजेशन रणनीति की ओर इशारा करता है।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव के मायने
Apple अपने मैनेजमेंट स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव कर रही है। कंपनी के दिग्गज एग्जीक्यूटिव Phil Schiller अब ऐप स्टोर और प्रोडक्ट लॉन्च इवेंट्स की रोजाना की जिम्मेदारी से हट गए हैं। यह बदलाव नए CEO John Ternus के 1 सितंबर 2026 को कार्यभार संभालने के तुरंत बाद हुआ है। हालांकि, Schiller कंपनी के साथ एक 'Apple फेलो' के रूप में बने रहेंगे, लेकिन इस अहम डिवीजन से उनका हटना एक बड़ा संकेत है।
अब किसके हाथ में है कमान?
नई व्यवस्था के तहत, ऐप स्टोर को Eddy Cue के नेतृत्व वाले 'सर्विसेज डिवीजन' में शामिल कर दिया गया है। ऐप स्टोर का कामकाज अब Carson Oliver देखेंगे, जबकि प्रोडक्ट इवेंट्स की जिम्मेदारी Nola Weinstein को दी गई है। यह कदम कंपनी के उस लक्ष्य को दर्शाता है, जिसमें वह हार्डवेयर सेल्स पर निर्भरता कम करके सर्विसेज रेवेन्यू पर जोर देना चाहती है।
निवेशकों के लिए क्यों है यह अहम?
इन्वेस्टर्स के लिए यह बदलाव कंपनी की अंदरूनी पॉलिसी डिबेट को दिखाता है। खबरों के मुताबिक, Schiller मार्जिन बढ़ाने के कुछ आक्रामक लक्ष्यों को लेकर थोड़े असहज थे। अब सवाल यह है कि क्या नई लीडरशिप ऐप स्टोर से पैसा कमाने के लिए और अधिक एग्रेसिव स्टैंड लेगी?
रेगुलेटरी रिस्क और आगे का रास्ता
इस बदलाव के साथ कुछ बड़े रिस्क भी जुड़े हैं। European Union और United States में रेगुलेटर्स पहले से ही ऐप स्टोर के कमीशन स्ट्रक्चर पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। अगर कंपनी मार्जिन बढ़ाने के लिए दबाव बनाती है, तो डेवलपर्स के साथ विवाद और कानूनी कार्रवाई का खतरा बढ़ सकता है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी प्रॉफिट ग्रोथ और रेगुलेटरी कंप्लायंस के बीच बैलेंस कैसे बनाती है।
