Apple ने अपने नए फोल्डेबल फोन 'iPhone Duo' की सेल को लेकर बड़ा फैसला लिया है। भारी डिमांड और हिंज (hinge) मैन्युफैक्चरिंग में दिक्कतों के कारण अब भारत समेत वैश्विक स्तर पर स्टोर्स से डायरेक्ट खरीद पर रोक लगा दी गई है, अब सिर्फ ऑनलाइन प्री-ऑर्डर ही संभव है।
मैन्युफैक्चरिंग का फंसा पेंच
Apple का फोल्डेबल मार्केट में पहला कदम एक बड़ी सप्लाई चेन चुनौती के साथ शुरू हुआ है। भारत, जापान और UAE जैसे प्रमुख बाजारों में कंपनी ने स्टोर्स से फोन खरीदने की सुविधा हटा दी है। अब ग्राहकों को केवल ऑनलाइन पोर्टल के जरिए प्री-ऑर्डर करना होगा। इस बदलाव की मुख्य वजह फोन के 'हिंज मैकेनिज्म' के निर्माण में आ रही तकनीकी जटिलताएं हैं।
क्यों है यह निवेशकों के लिए चिंता?
स्टैंडर्ड स्मार्टफोन्स के मुकाबले, iPhone Duo का हिंज पार्ट बेहद हाई-प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग की मांग करता है। अभी कंपनी की प्रोडक्शन यील्ड कम है, जिससे सप्लाई पर गहरा असर पड़ा है। शिपिंग की तारीखें पहले ही 2027 की शुरुआत तक खिंच गई हैं। निवेशकों के लिए असली चुनौती यह है कि क्या Apple इतनी जल्दी इन बाधाओं को दूर कर पाएगा?
मार्केट कॉम्पिटिशन का दबाव
Samsung और Huawei जैसे दिग्गज खिलाड़ी सालों से फोल्डेबल मार्केट में जमे हुए हैं और उन्होंने अपनी प्रोडक्शन प्रोसेस को काफी हद तक रिफाइन कर लिया है। यदि Apple अपनी सप्लाई चेन को जल्द स्थिर नहीं करता है, तो उसे प्रीमियम सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने में मुश्किल हो सकती है। फिलहाल, निवेशकों की नजरें कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी और इसे स्केल करने की क्षमता पर टिकी हैं, क्योंकि देरी का सीधा असर कंपनी के शॉर्ट-टर्म रेवेन्यू पर पड़ सकता है।
