सरकार के कड़े आदेश के बाद Apple ने अपने इंडियन ऐप स्टोर से Bitchat मैसेजिंग ऐप को हटा दिया है। IT एक्ट की धारा 69A के तहत यह कार्रवाई 'अवैध कंटेंट' के चलते की गई है।
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सीधे आदेश के बाद, Apple ने अपने इंडियन ऐप स्टोर से डिसेंट्रलाइज्ड मैसेजिंग ऐप Bitchat को हटा दिया है। यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत की गई है, जो सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के हित में ऑनलाइन कंटेंट को ब्लॉक करने का अधिकार देती है।
केवल ऐप ही नहीं, बीटा प्लेटफॉर्म भी बंद
इस आदेश का असर केवल पब्लिक स्टोर तक सीमित नहीं है। Apple ने भारत में ऐप के 'TestFlight' इंफ्रास्ट्रक्चर को भी ब्लॉक कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि भारतीय यूजर्स अब इस ऐप के बीटा टेस्टिंग का हिस्सा नहीं बन सकते और देश के भीतर इससे जुड़ी सभी पब्लिक लिंक्स को निष्क्रिय कर दिया गया है। फिलहाल, यह ऐप अन्य ग्लोबल मार्केट्स में काम कर रही है, जिससे साफ है कि यह पाबंदी सिर्फ भारतीय अधिकार क्षेत्र के लिए है।
डिसेंट्रलाइज्ड टेक्नोलॉजी के लिए रेगुलेटरी चुनौतियां
Bitchat की तकनीक 'ब्लूटूथ मेश नेटवर्किंग' पर आधारित है, जो बिना वाई-फाई या सेंट्रल सर्वर के पीयर-टू-पीयर कम्युनिकेशन की सुविधा देती है। सरकार का मानना है कि इस तरह का आर्किटेक्चर, जो सेंट्रल मॉनिटरिंग को दरकिनार करता है, अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है।
यह पहली बार नहीं है जब प्लेटफॉर्म मुश्किलों में है। जुलाई 2026 में, Cockroach Janata Party के प्रदर्शनों के दौरान, इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने GitHub को भी इस प्लेटफॉर्म की रिपॉजिटरीज बंद करने का निर्देश दिया था। यह मामला उन सभी डेवलपर्स और कंपनियों के लिए एक बड़ी सीख है जो वेब3 और प्राइवेसी-केंद्रित टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं कि स्थानीय नियमों का पालन अब अनिवार्य है।
