Apple के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है! कंपनी ने तीसरी तिमाही में **16.4%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी के साथ **$109.42 अरब** का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो बाज़ार की उम्मीदों से कहीं ज़्यादा है। हालांकि, चिप की कमी के चलते सप्लाई में दिक्कतें बनी हुई हैं। इन सबके बावजूद, नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में **2.6%** की गिरावट देखी गई।
कमाई के सारे रिकॉर्ड टूटे!
Apple Inc. ने गुरुवार को अपनी तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए, जिसमें कंपनी ने $109.42 अरब का रेवेन्यू दर्ज किया। यह पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 16.4% ज़्यादा है और बाज़ार की उम्मीद $108.65 अरब से काफी बेहतर है। कंपनी की इस शानदार परफॉरमेंस का मुख्य कारण आईफोन (iPhone) और मैकबुक (MacBook) जैसे हार्डवेयर प्रोडक्ट्स की ज़बरदस्त मांग रही।
आईफोन और मैक की तूफानी बिक्री
कंपनी के लिए कंज्यूमर डिमांड एक बड़ी ताकत बनकर उभरी। इस तिमाही में आईफोन की बिक्री 21.7% बढ़कर $54.25 अरब पर पहुंच गई, जो कि Apple के लिए तीसरी तिमाही का एक नया रिकॉर्ड है। इसी तरह, मैक (Mac) की बिक्री में 29% का उछाल आया और यह $10.35 अरब तक पहुंच गई। कंपनी का मानना है कि लोग अब ऐसे डिवाइस खरीद रहे हैं जो एडवांस्ड AI टास्क कर सकें, जिसके लिए ज़्यादा प्रोसेसिंग पावर की ज़रूरत होती है।
चिप की कमी और मुनाफा (Profit)
हालांकि, कंपनी को चिप की वैश्विक कमी का सामना करना पड़ रहा है। CEO टिम कुक (Tim Cook) ने कहा कि एडवांस्ड चिप टेक्नोलॉजी में आ रही शॉर्टेज एक बड़ी रुकावट है, जिससे Apple Silicon चिप्स के प्रोडक्शन पर असर पड़ रहा है। इन चिप्स का इस्तेमाल नए मैकबुक और आईफोन में किया जाता है।
वित्तीय नतीजों की बात करें तो, Apple का प्रति शेयर मुनाफा (EPS) $2.02 रहा, जिसमें 11 सेंट का फायदा अमेरिकी सरकार से मिले टैरिफ रिफंड का भी शामिल है। यह बाज़ार की उम्मीद $1.89 प्रति शेयर से ज़्यादा है। कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 50.1% रहा। एक बार के टैरिफ रिफंड को हटा दें तो, कंपनी का असल ग्रॉस मार्जिन 48.1% रहा, जो कंपनी के अपने अनुमान से बेहतर है। लेकिन, कंपनी का सर्विसेज (Services) बिज़नेस उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, वहीं वियरेबल्स (Wearables) सेगमेंट ने उम्मीद से थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया।
बाज़ार की प्रतिक्रिया
कमाई और मुनाफे के अनुमानों को पार करने के बावजूद, Apple के शेयर आफ्टर-मार्केट ट्रेडिंग में 2.6% गिर गए। यह गिरावट सप्लाई चेन की दिक्कतों और सर्विसेज जैसे हाई-मार्जिन सेगमेंट के प्रदर्शन को लेकर निवेशकों की चिंता को दर्शाती है। अब बाज़ार की नज़र इस बात पर रहेगी कि Apple चिप सप्लाई की चुनौतियों से कैसे निपटती है और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में उसका निवेश भविष्य में मुनाफे को कैसे बढ़ाएगा।
