Apple का बड़ा कदम: EU में बदले ऐप स्टोर के नियम, शेयर में **2%** की तेज़ी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Apple का बड़ा कदम: EU में बदले ऐप स्टोर के नियम, शेयर में **2%** की तेज़ी

Apple ने यूरोपीय संघ (EU) में अपने विवादास्पद 'कोर टेक्नोलॉजी फी' (Core Technology Fee) को बदल दिया है। अब इसके बजाय, कंपनी **5%** का 'कोर टेक्नोलॉजी कमीशन' (Core Technology Commission) लेगी, जो उन ऐप्स पर लागू होगा जो ऐप स्टोर के बाहर बांटे जाएंगे। यह कदम EU के डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) का पालन करने और प्रतिस्पर्धी ऐप मार्केटप्लेस के लिए बाधाएं कम करने के लिए उठाया गया है। इस खबर से Apple के शेयर **2%** चढ़ गए, हालांकि निवेशक कंपनी के हाई-ग्रोथ सर्विसेज बिज़नेस के लॉन्ग-टर्म रेवेन्यू मॉडल पर पड़ने वाले असर पर नज़र बनाए हुए हैं।

नए नियम और फीस में बदलाव

Apple ने यूरोपीय संघ के बाज़ार के लिए अपने बिजनेस मॉडल में एक बड़ा बदलाव किया है। 1 अक्टूबर 2026 से, कंपनी प्रति-इंस्टॉल के आधार पर ली जाने वाली अपनी विवादास्पद 'कोर टेक्नोलॉजी फी' को हटाकर, ऐप स्टोर के बाहर बांटे जाने वाले ऐप्स के लिए 5% का 'कोर टेक्नोलॉजी कमीशन' लागू करेगी। यह बदलाव EU के डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) के जवाब में आया है, जिसने डिजिटल मार्केटप्लेस में ज़्यादा प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया है।

नए 5% कमीशन के साथ, Apple ने शुरुआती अधिग्रहण और स्टोर सर्विसेज फीस जैसे कई अपफ्रंट कॉस्ट को भी खत्म कर दिया है। कंपनी ने उन डेवलपर्स के लिए भी नियम आसान कर दिए हैं जो अपने अल्टरनेटिव ऐप मार्केटप्लेस चलाना चाहते हैं। खासतौर पर, €1 मिलियन के लेटर ऑफ क्रेडिट की ज़रूरत को हटा दिया गया है, जो EU बाज़ार में प्रवेश करने वाले छोटे प्रतिस्पर्धियों के लिए एक बड़ी रुकावट थी। जो ऐप्स आधिकारिक ऐप स्टोर पर बने रहेंगे, उनके लिए कमीशन स्ट्रक्चर वही रहेगा, जो 26% या छोटे व्यवसायों के लिए 15% है।

बाज़ार की प्रतिक्रिया और वित्तीय स्थिति

इस घोषणा के बाद, Apple के शेयर ऊपर चढ़े, लगभग 2% बढ़कर $310 से $311 के दायरे में पहुंच गए। यह तेज़ी तब आई जब कि टेक्नोलॉजी सेक्टर पर दबाव था, जिससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक इस रेगुलेटरी कंप्लायंस को EU में भविष्य में लगने वाले जुर्माने या व्यावसायिक प्रतिबंधों को लेकर अनिश्चितता कम करने के एक तरीके के रूप में देख सकते हैं।

हालांकि, इस नए फीस मॉडल में बदलाव से वित्तीय अनिश्चितता पैदा होती है। कंपनी का सर्विसेज डिविजन हाल के वर्षों में प्रॉफिट ग्रोथ का एक बड़ा ज़रिया रहा है। यह बदलाव Apple को यूरोपीय रेगुलेटरों के अनुरूप लाने में मदद करता है, लेकिन यह देखना बाकी है कि नया कमीशन स्ट्रक्चर पिछले मॉडल की तुलना में रेवेन्यू पर क्या असर डालेगा।

जोखिम और आगे की निगरानी

कंपनी रेगुलेटरी मुश्किलों से पूरी तरह बाहर नहीं निकली है। Apple अमेरिका में अपने ऐप स्टोर फीस को लेकर महत्वपूर्ण मुकदमे का सामना कर रहा है। इन मामलों का नतीजा कंपनी के ग्लोबल फीस स्ट्रक्चर को प्रभावित कर सकता है, जो एक संभावित वित्तीय और ऑपरेशनल जोखिम है।

इसके अलावा, एक क्लोज्ड इकोसिस्टम से दूर जाने से ऑपरेशनल चुनौतियाँ बढ़ती हैं। जैसे-जैसे Apple ज़्यादा अल्टरनेटिव डिस्ट्रीब्यूशन चैनल और थर्ड-पार्टी पेमेंट सिस्टम की अनुमति देता है, उसे अपनी नोटराइज़ेशन प्रक्रिया के ज़रिए यूज़र की सुरक्षा और बचाव बनाए रखना होगा। इन नए चैनलों में धोखाधड़ी या दुर्भावनापूर्ण सॉफ़्टवेयर में कोई भी वृद्धि यूज़र के विश्वास को नुकसान पहुंचा सकती है और ब्रांड की वैल्यू को प्रभावित कर सकती है। निवेशक इन बदलावों के सर्विसेज सेगमेंट की तिमाही आय को कैसे प्रभावित करते हैं और क्या इसी तरह का रेगुलेटरी दबाव अन्य प्रमुख वैश्विक बाज़ारों में उभरता है, इस पर लगातार नज़र रखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.