US की एक जूरी ने Apple को बड़ा झटका देते हुए **$5.7 बिलियन** का जुर्माना भरने का आदेश दिया है। मामला Taction की हैप्टिक फीडबैक पेटेंट तकनीक से जुड़ा है। कंपनी ने इस फैसले के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है।
कानूनी दांव-पेच और Taptic Engine का विवाद
यह पूरा मामला Apple की मशहूर 'Taptic Engine' तकनीक से जुड़ा है, जो iPhone और Apple Watch में वाइब्रेशन और टैक्टाइल फीडबैक देने का काम करती है। सैन डिएगो स्थित कंपनी Taction ने पेटेंट उल्लंघन का आरोप लगाया था, जिसे लेकर कानूनी लड़ाई 2021 से चल रही है।
क्या बदला है इस फैसले में?
दिलचस्प बात यह है कि 2023 में एक फेडरल जज ने Apple के पक्ष में फैसला सुनाते हुए पेटेंट उल्लंघन को सिरे से खारिज कर दिया था। हालांकि, बाद में US Court of Appeals for the Federal Circuit के हस्तक्षेप के बाद इस मामले को फिर से जिंदा किया गया, जिसका नतीजा अब इस ऐतिहासिक जुर्माने के रूप में सामने आया है। यह अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े पेटेंट अवॉर्ड्स में से एक माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
निवेशकों को घबराने की जगह स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। तकनीक जगत में इस तरह के बड़े जुर्माने अक्सर अंतिम नहीं होते। Apple ने साफ कर दिया है कि वह इस फैसले को हायर कोर्ट में चुनौती देगी। कंपनी का तर्क है कि उसकी हार्डवेयर तकनीक Taction के दावों से पूरी तरह अलग है और संबंधित पेटेंट भी अवैध हैं।
अतीत में देखा गया है कि पेटेंट से जुड़े ऐसे बड़े जुर्माने लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान या तो कम हो जाते हैं या पूरी तरह पलट दिए जाते हैं। फिलहाल, शेयरधारकों के लिए मुख्य चिंता अनिश्चितता और कानूनी खर्च बनी हुई है, जब तक कि न्यायपालिका से कोई अंतिम फैसला नहीं आता।
