Apple ने अपने Maps ऐप में स्पॉन्सर्ड सर्च रिजल्ट्स (Sponsored search results) की शुरुआत की है। कंपनी की यह नई स्ट्रैटेजी 9 सितंबर, 2026 को होने वाले बड़े हार्डवेयर लॉन्च से ठीक पहले आई है, जिसका मकसद सर्विस सेगमेंट के मुनाफे को और बढ़ाना है।
विज्ञापन से कमाई का नया रास्ता
Apple ने अमेरिका और कनाडा में अपने मैप्स ऐप के भीतर स्पॉन्सर्ड सर्च रिजल्ट्स दिखाना शुरू कर दिया है। इसके तहत अब बिज़नेस अपने ब्रांड को सर्च में सबसे ऊपर दिखाने के लिए भुगतान कर सकेंगे। इन विज्ञापनों को नीले रंग के आइकॉन से पहचाना जा सकेगा ताकि ये सामान्य सर्च रिजल्ट्स से अलग दिखें। कंपनी ने साफ किया है कि यह पूरा विज्ञापन सिस्टम उसकी मौजूदा एडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म से ही जुड़ा होगा।
सर्विस सेगमेंट पर कंपनी का फोकस
निवेशकों के लिए यह एक बड़ा कदम है क्योंकि Apple अपने 'सर्विसेज' (Services) डिवीजन को तेजी से बढ़ाना चाहती है। iPhone जैसी हार्डवेयर सेल्स में अक्सर डिमांड और मैन्युफैक्चरिंग लागत का उतार-चढ़ाव बना रहता है, लेकिन सर्विसेज सेगमेंट में प्रॉफिट मार्जिन काफी बेहतर होता है। कंपनी का दावा है कि यह सिस्टम प्राइवेसी के मानकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जहां डेटा प्रोसेसिंग डिवाइस पर ही होती है और उसे यूजर के Apple अकाउंट से लिंक नहीं किया जाता है।
9 सितंबर के इवेंट पर सबकी नजर
यह मुद्रीकरण (Monetization) की कोशिश ऐसे समय में हो रही है जब कंपनी 9 सितंबर, 2026 को होने वाले अपने बड़े हार्डवेयर लॉन्च की तैयारियों में जुटी है। मार्केट की नजरें अगली जनरेशन के iPhone लाइनअप के अनावरण पर टिकी हैं। फिलहाल Apple का शेयर अपने ऑल-टाइम हाई के करीब ट्रेड कर रहा है, जिसे लेकर एनालिस्ट सतर्क हैं।
निवेशक अभी सप्लाई चेन की चुनौतियों, मेमोरी जैसी चीजों की बढ़ती कीमतों और चीन जैसे बड़े मार्केट में अनिश्चित डिमांड पर पैनी नजर रखे हुए हैं। अब देखना यह है कि क्या सर्विसेज सेगमेंट की यह नई कमाई, कोर हार्डवेयर बिज़नेस पर पड़ने वाले मार्जिन दबाव को कम कर पाएगी या नहीं।
