Apple ने आधिकारिक तौर पर अपना पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन 'iPhone Duo' भारतीय बाजार में उतार दिया है। इसकी शुरुआती कीमत **₹2,99,900** रखी गई है। यह प्रोडक्ट सीधे तौर पर Samsung के फोल्डेबल रेंज को चुनौती देगा, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
प्रीमियम गेम और मार्केट स्ट्रेटेजी
Apple ने 9 सितंबर 2026 को फोल्डेबल सेगमेंट में अपना पहला कदम रखा है। iPhone Duo का बेस मॉडल 256GB स्टोरेज के साथ ₹2,99,900 में उपलब्ध है, जबकि टॉप-एंड वेरिएंट की कीमत ₹4,49,900 तक जाती है। फिलहाल Apple का लक्ष्य मास-मार्केट वॉल्यूम हासिल करने के बजाय अल्ट्रा-प्रीमियम स्पेस में अपनी धाक जमाना है। तुलना करें तो, Samsung Galaxy Z Fold 8 बाजार में ₹1,79,999 के आसपास मिल रहा है, जो Apple की आक्रामक प्रीमियम प्राइसिंग को दर्शाता है।
डिस्ट्रीब्यूटर्स पर असर और मार्केट सेंटीमेंट
इस लॉन्च का सीधा असर Apple के ऑथोराइज्ड डिस्ट्रीब्यूटर Redington के शेयरों पर दिखा। कंपनी के शेयर 10 सितंबर 2026 को 5.33% तक उछल गए। हालांकि फोल्डेबल स्मार्टफोन का मार्केट अभी छोटा है, लेकिन अनुमान है कि 2026 में भारत में फोल्डेबल शिपमेंट 8 लाख से 8.5 लाख यूनिट्स तक पहुंच सकती है, जिसमें से 24% मार्केट शेयर पर Apple की नजर है।
चुनौतियां और जोखिम
रास्ता इतना आसान भी नहीं है। रुपये में गिरावट और बढ़ते इंपोर्ट ड्यूटी के चलते Apple की नई iPhone 18 सीरीज की कीमतों में 20% से 43% तक का इजाफा हुआ है। महंगे दाम के कारण यह फोन केवल चुनिंदा हाई-नेट-वर्थ (HNI) ग्राहकों तक सीमित रह सकता है। इसके अलावा, भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट में आई गिरावट भी एक बड़ी चुनौती है। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या यह 'हेलो प्रोडक्ट' अन्य फ्लैगशिप मॉडल्स की बिक्री बढ़ा पाएगा या फिर इसकी ऊंची कीमत बिक्री में रुकावट साबित होगी।
