Apple ने नए iPhone 18 Pro को पेश किया है, जिसमें फोटो की प्रामाणिकता जांचने के लिए 'Reference Image' फीचर दिया गया है। हालांकि, लॉन्च के दिन ही कंपनी के स्टॉक पर दबाव दिखा, जिसकी वजह मार्जिन घटने की चिंता और 2-nanometer चिप की सप्लाई चेन बाधाएं हैं।
Apple ने आधिकारिक तौर पर iPhone 18 Pro लॉन्च कर दिया है, जिसमें 'Reference Image' नाम का एक नया फीचर शामिल है। यह टूल डिजिटल मिसइंफॉर्मेशन से लड़ने के लिए बनाया गया है, जो फोटो का एक क्रिप्टोग्राफिकली साइन्ड डिजिटल निगेटिव बनाता है। इससे यूजर्स यह जांच पाएंगे कि फोटो असली है या उसे AI टूल्स से छेड़ा गया है। यह प्रोसेस कंपनी के Private Cloud Compute इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करता है और SynthID स्टैंडर्ड के साथ जुड़ा है।
बाजार की सुस्त चाल
इस नई टेक्नोलॉजी के बावजूद, मार्केट का मूड थोड़ा संभला हुआ है। लॉन्च के दिन Apple के शेयरों में गिरावट देखी गई। निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि हाई-टेक फीचर्स की लागत कंपनी के मुनाफे पर कितना असर डालेगी। नया A20 Pro चिप 2-nanometer प्रोसेस तकनीक पर आधारित है, जिसकी मैन्युफैक्चरिंग लागत काफी अधिक है।
निवेशकों की चिंता के कारण
फाइनेंशियल एनालिस्ट्स के मुताबिक, दो बड़ी परेशानियां सामने हैं:
- मार्जिन का दबाव: एडवांस हार्डवेयर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी लागत की भरपाई सिर्फ कीमत बढ़ाकर करना मुश्किल होगा।
- सप्लाई चेन: 2-nanometer चिप का प्रोडक्शन काफी जटिल है, जिससे सप्लाई चेन में बाधा आ सकती है और डिमांड पूरी करने में दिक्कत हो सकती है।
इसके अलावा, रेगुलेटरी चुनौतियों के कारण 'Reference Image' फीचर चीन में उपलब्ध नहीं होगा और यूरोपियन यूनियन में भी इसकी कुछ फंक्शनैलिटी पर पाबंदियां हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या Apple $150 से $200 तक की बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद अपनी प्रॉफिट मार्जिन बरकरार रख पाएगी।
