Apple ने अपनी कॉर्पोरेट जरूरतों और शेयर बायबैक के लिए **$7 अरब** का बॉन्ड ऑफर पेश किया है। खास बात यह है कि कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपने कॉम्पिटिटर्स के मुकाबले काफी कम खर्च कर रही है।
बॉन्ड से जुटाएगी पैसा
Apple Inc. ने $7 अरब जुटाने के लिए एक मल्टी-ट्रांच बॉन्ड ऑफर लॉन्च किया है। इस रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी, जिसमें पुराने कर्ज को चुकाना और शेयर बायबैक (Share Buyback) शामिल है। यह बॉन्ड कुल सात हिस्सों में है, जिसकी मैच्योरिटी 2028 से लेकर 2036 तक है। इसमें फिक्स्ड-रेट और फ्लोटिंग-रेट दोनों तरह के नोट्स शामिल हैं।
बैंकिंग दिग्गज संभाल रहे कमान
इस डील को Goldman Sachs, Bank of America Securities, Deutsche Bank Securities और JPMorgan जैसे दिग्गज बैंक मैनेज कर रहे हैं। Apple की क्रेडिट रेटिंग शानदार है, जिसमें S&P की AA+ और Moody's की Aaa रेटिंग शामिल है।
AI के लिए Apple की अलग राह
बाकी टेक कंपनियों के उलट Apple का AI पर नजरिया बिल्कुल अलग है। जहाँ अन्य बड़ी कंपनियां डेटा सेंटर और हार्डवेयर पर अरबों डॉलर फूंक रही हैं, वहीं Apple 'कैपिटल-लाइट' (Capital-light) स्ट्रैटेजी अपना रही है। कंपनी का फोकस फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के बजाय सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन और हार्डवेयर एफिशिएंसी पर है।
मार्केट की चिंताएं
कंपनी ने अपने Q4 2026 में 12% का रेवेन्यू ग्रोथ दिखाया है, लेकिन मार्जिन पर दबाव साफ है। बढ़ती मेमोरी लागत और AI इंटीग्रेशन का खर्च मुनाफे पर असर डाल रहा है। फिलहाल निवेशक इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि US ट्रेजरी के मुकाबले इन बॉन्ड्स की प्राइसिंग क्या रहती है और भविष्य में कर्ज चुकाने का खर्च कंपनी के फाइनेंशियल पर क्या असर डालता है।
