Apple के iOS कीबोर्ड में लगभग **1,00,000** शब्दों की एक सीक्रेट लिस्ट का खुलासा हुआ है, जो ऑटो-कंप्लीट में पॉलिटिकल शब्दों को ब्लॉक कर रही है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब कंपनी बढ़ती मेमोरी चिप लागत और नए CEO के नेतृत्व में मार्जिन के दबाव से जूझ रही है।
विवाद की जड़: सीक्रेट फिल्टर
हालिया रिसर्च में पता चला है कि Apple का कीबोर्ड सिस्टम चुपचाप 1,00,000 शब्दों को फिल्टर कर रहा है। इनमें से कई पॉलिटिकल और सोशल शब्द ऐसे हैं जिन्हें प्रेडिक्टिव टेक्स्ट में आने से रोका जा रहा है। कंपनी ने अब तक इस फिल्टरिंग क्राइटेरिया पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है, जिससे यूजर्स और मार्केट एक्सपर्ट्स के बीच ट्रांसपेरेंसी को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है।
फाइनेंशियल प्रेशर और मार्जिन की चिंता
यह विवाद कंपनी के लिए ऐसे नाजुक वक्त में सामने आया है जब वह फाइनेंशियल चुनौतियों का सामना कर रही है। Apple ने फिस्कल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में $114.5 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 12% अधिक है। हालांकि, सितंबर तिमाही में 47.9% का ग्रॉस मार्जिन दर्ज करने के बाद, कंपनी ने दिसंबर तिमाही के लिए इसे घटाकर 45% से 46% रहने का अनुमान दिया है। इसकी मुख्य वजह मेमोरी चिप की कीमतों में तेजी है।
नेतृत्व में बदलाव और स्टॉक का हाल
1 सितंबर, 2026 से John Ternus ने CEO के रूप में कमान संभाली है। इस बीच, Apple के शेयर में भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है और यह $349 से $354 के दायरे में ट्रेड कर रहा है। निवेशकों की नजर अब इस पर है कि कंपनी नई लीडरशिप के तहत सप्लाई चेन और मार्जिन के दबाव को कैसे मैनेज करती है। नए 'iPhone Duo' के सामने आ रही प्रोडक्शन लिमिट्स और कीबोर्ड को लेकर पैदा हुए रिप्यूटेशनल रिस्क ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
