Apple ने सप्लाई चेन की दिक्कतें झेलने के लिए अपनी कंपोनेंट इन्वेंटरी को दोगुना कर **$11.1 बिलियन** तक पहुंचा दिया है। CEO टिम कुक ने कहा है कि एडवांस्ड मेमोरी चिप्स की कमी और बढ़ सकती है, जिससे प्रोडक्शन कॉस्ट पर असर पड़ेगा। नतीजों के बाद शेयर **6%** तक गिर गए।
Apple का बड़ा दांव: इन्वेंटरी $11.1 बिलियन पार
Apple Inc. ने अपनी सप्लाई चेन मैनेजमेंट स्ट्रैटिजी में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने अपने पुराने 'लीन इन्वेंटरी' मॉडल को छोड़कर कंपोनेंट्स का स्टॉक $11.1 बिलियन तक जमा कर लिया है। यह पिछले साल सितंबर के $5.7 बिलियन के मुकाबले एक बड़ी बढ़ोतरी है। यह कदम खासकर उन सप्लाई चेन दिक्कतों से निपटने के लिए उठाया गया है, जो iPhone और MacBook जैसे प्रॉडक्ट्स के प्रोडक्शन को प्रभावित कर सकती हैं।
मेमोरी चिप्स की कमी का असर
इस स्टॉक जमा करने के पीछे की सबसे बड़ी वजह एडवांस्ड मेमोरी नोड्स की भारी कमी है। ये चिप्स Apple के अपने A-सीरीज और M-सीरीज सिलिकॉन चिप्स के लिए बहुत ज़रूरी हैं। CEO टिम कुक ने मेमोरी प्राइसिंग को "सौ साल की बाढ़" बताया है, जिससे इन कंपोनेंट्स की कीमत और उपलब्धता काफी अनिश्चित हो गई है।
हालांकि Apple ने हाल ही में जून तिमाही में iPhone और Mac की बिक्री में क्रमशः 22% और 29% की मजबूत ग्रोथ दर्ज की थी, लेकिन आने वाले महीनों के लिए आउटलुक दबाव में है। कंपनी ने पहले ही कुछ iPad और Mac मॉडल्स की कीमतें बढ़ाना शुरू कर दिया है। यह ट्रेंड बाकी टेक कंपनियों जैसे Samsung, Microsoft, Meta और Sony में भी देखा जा रहा है, जो बढ़ी हुई हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट से जूझ रही हैं।
फाइनेंशियल और मार्केट आउटलुक
ज्यादा इन्वेंटरी रखने का फैसला एक डिफेंसिव मूव है, लेकिन इसके अपने फाइनेंशियल असर भी हैं। बढ़ी हुई इन्वेंटरी से कंपनी का कैश ब्लॉक हो सकता है, जो कैश फ्लो पोजीशन को प्रभावित कर सकता है। हालिया अर्निंग्स कॉल के दौरान, मैनेजमेंट ने चेतावनी दी थी कि इन सप्लाई बाधाओं का नेगेटिव असर अगले क्वार्टर में काफी बढ़ सकता है। इसी के चलते, Apple ने आने वाली अवधि के लिए 9% से 11% तक की रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगाया है, जो पिछली तिमाहियों की ग्रोथ रेट से कम है।
इस सतर्क गाइडेंस से निवेशकों की चिंता बढ़ गई, जिसके चलते Apple के शेयर आफ्टर-आवर ट्रेडिंग में 6% तक गिर गए। कंपनी की यह क्षमता कि वह इन दिक्कतों से कैसे निपटती है और अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बचाती है, यह मार्केट एनालिस्ट्स के लिए एक बड़ा फोकस पॉइंट रहेगा।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
आगे चलकर, निवेशकों को सप्लाई चेन के सामान्य होने और कंपोनेंट कॉस्ट को मैनेज करने में कंपनी की सफलता पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। प्रॉफिट मार्जिन का ट्रेंड और क्या कंपनी को बढ़े हुए खर्चों को पूरा करने के लिए कीमतें बढ़ाना जारी रखना होगा, ये देखने वाली बात होगी। इसके अलावा, मेमोरी चिप्स की कीमतों में स्थिरता और एडवांस्ड सेमीकंडक्टर नोड्स की उपलब्धता से जुड़ी कोई भी नई जानकारी सप्लाई चेन की दिक्कतों की अवधि को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगी।
