Apple के लिए भारतीय बाज़ार में एक बड़ा झटका लगा है। अप्रैल-जून तिमाही में iPhone की शिपमेंट्स में **3%** की गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले 4 सालों में पहली बार हुआ है। इसकी मुख्य वजह iPhone 17 की सप्लाई में आ रही दिक्कतें हैं।
Detailed Coverage
4 साल में पहली बार गिरी Apple की सेल
Apple को भारत में एक बड़ा झटका लगा है। अप्रैल-जून की तिमाही में कंपनी की iPhone शिपमेंट्स में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 3% की गिरावट आई है। Counterpoint Research के अनुसार, यह पिछले 4 सालों में कंपनी की भारतीय बाज़ार में पहली गिरावट है। यह कमी ऐसे समय में आई है जब भारत का पूरा स्मार्टफोन बाज़ार 10% की गिरावट से जूझ रहा है।
iPhone 17 की सप्लाई में क्यों आई दिक्कत?
इस गिरावट का मुख्य कारण iPhone 17 के बेस मॉडल की सीमित उपलब्धता है। यह सप्लाई की समस्या Apple और मेमोरी चिप सप्लायर्स के बीच चल रही प्राइस नेगोशिएशन (Price Negotiation) की वजह से है। IDC जैसी रिसर्च फर्मों के विशेषज्ञों का कहना है कि ये बातचीत काफी जटिल हैं और सप्लाई पर लंबे समय तक असर डाल सकती हैं।
रिटेल और कीमतों पर क्या होगा असर?
स्टॉक की कमी के कारण रिटेल चैनल्स पर दबाव बढ़ गया है। Apple आमतौर पर लगातार सप्लाई के सहारे सेल्स बढ़ाने पर निर्भर करती है, लेकिन रिटेलर्स को iPhone 17 के लिए सीमित इन्वेंटरी (Inventory) मिलने की रिपोर्ट मिली है। कुछ बाज़ार जानकारों का मानना है कि इस सप्लाई प्रेशर की वजह से कीमतों में भी असामान्य बढ़ोतरी देखी जा सकती है, जो साल के अंत में आमतौर पर मिलने वाली छूट से अलग होगी। हालाँकि, कुछ रिटेलर्स का कहना है कि प्रीमियम सेगमेंट के ग्राहक ज़्यादा कीमत देकर भी उपलब्ध यूनिट्स खरीदने को तैयार हैं, पर स्टॉक की कमी बनी रही तो यह खरीदारों के व्यवहार को बदल सकती है।
बाज़ार में स्थिति और डिमांड आउटलुक
शिपमेंट्स में इस गिरावट के बावजूद, भारत में iPhones की कुल डिमांड अभी भी मजबूत मानी जा रही है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि साल के बाकी बचे महीनों में प्रीमियम सेगमेंट में ग्राहकों की दिलचस्पी बनी रहेगी। Apple इस कैलेंडर ईयर में लगभग 1.5 करोड़ (15 Million) iPhones बेचने का अनुमान लगा रही है। हालाँकि यह पिछले सालों की तेज ग्रोथ के मुकाबले धीमी रफ़्तार है, लेकिन कंपनी को देश के प्रमुख स्मार्टफोन ब्रांड्स में अपनी जगह बनाए रखने में मदद करेगी।
निवेशक आने वाले महीनों में कुछ महत्वपूर्ण बातों पर नज़र रखेंगे। सबसे ज़रूरी है मेमोरी चिप प्राइस नेगोशिएशन के समाधान का समय, जो प्रोडक्शन और शिपमेंट वॉल्यूम को स्थिर करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, यह भी देखा जाएगा कि आने वाली तिमाहियों में इन्वेंटरी लेवल्स सामान्य होते हैं या नहीं, और iPhone 17 की प्राइसिंग स्ट्रेटेजी (Pricing Strategy) के कारण Samsung जैसे कॉम्पिटिटर्स के मुकाबले मार्केट शेयर में कोई बदलाव आता है या नहीं।
