भारत से होने वाले Apple iPhone एक्सपोर्ट में तूफानी तेजी आई है। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच कंपनी ने **$13.2 बिलियन** का निर्यात किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **47%** अधिक है।
मैन्युफैक्चरिंग का नया केंद्र भारत
Apple अब भारत के इलेक्ट्रॉनिक एक्सपोर्ट का मुख्य आधार बन चुका है। अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान हुए $13.2 बिलियन के शिपमेंट ने भारत की मैन्युफैक्चरिंग प्रोफाइल को पूरी तरह बदल दिया है। इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय सरकारी मैन्युफैक्चरिंग इंसेंटिव्स को जाता है, जिसने ग्लोबल कंपनियों को भारत में अपने ऑपरेशंस बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है।
प्रमुख पार्टनर्स और प्रोडक्शन का गणित
इस प्रोडक्शन को Apple के बड़े कॉन्ट्रैक्ट पार्टनर्स संभाल रहे हैं, जिनमें Foxconn (Hon Hai Precision Industry), Tata Electronics और Pegatron शामिल हैं। हालांकि अभी यह मॉडल मुख्य रूप से असेंबली पर केंद्रित है, लेकिन लॉन्ग-टर्म में सेक्टर की मजबूती के लिए अब कंपनियों को लोकल कंपोनेंट प्रोडक्शन (स्थानीय पुर्जे बनाने) की तरफ तेजी से बढ़ना होगा।
मार्केट का हाल और चुनौतियां
भारत का कुल स्मार्टफोन एक्सपोर्ट $15.96 बिलियन रहा है, जिसमें 82% हिस्सेदारी अकेले Apple की है। इस रेस में Samsung और Dixon Technologies (Motorola के लिए) भी अपनी उपस्थिति बनाए हुए हैं, लेकिन Apple का स्केल सबसे अलग है। हालांकि, सेक्टर के लिए रिस्क भी कम नहीं हैं—अभी भी हम काफी हद तक इंपोर्ट किए गए कंपोनेंट्स पर निर्भर हैं। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनियां कितनी जल्दी वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग की ओर रुख करती हैं, क्योंकि ग्लोबल मार्केट में प्रीमियम स्मार्टफोन्स की मांग में उतार-चढ़ाव इस सेक्टर के लिए एक बड़ा फैक्टर बना रहेगा।
