Apple ने भारत में एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी की सालाना सेल्स **$10 बिलियन** के पार पहुंच गई है, जिसके पीछे प्रीमियम iPhones की जबरदस्त डिमांड मुख्य वजह है। अब Apple भारत में अपने फ्लैगशिप प्रो मॉडल्स बनाकर ग्लोबल मार्केट में एक्सपोर्ट कर रहा है।
प्रीमियम सेगमेंट में दबदबा
Apple के लिए भारत अब सिर्फ एक सेल्स मार्केट नहीं, बल्कि एक मैन्युफैक्चरिंग हब बन चुका है। कंपनी की सालाना सेल्स $10 बिलियन के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गई है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय उपभोक्ता अब iPhone 18 Pro जैसे प्रीमियम डिवाइसेज पर खर्च करने में संकोच नहीं कर रहे हैं।
मार्केट का नया ट्रेंड
भारतीय स्मार्टफोन बाजार का मिजाज बदल रहा है। साल 2026 की पहली तिमाही में स्मार्टफोन की शिपमेंट 4.1% गिरकर 31 मिलियन यूनिट्स पर रही, लेकिन मार्केट वैल्यू में 5.8% का इजाफा दर्ज किया गया। इसका मतलब है कि लोग कम फोन खरीद रहे हैं, लेकिन महंगे और हाई-एंड प्रोडक्ट्स पर दांव लगा रहे हैं। Apple के पास स्मार्टफोन शिपमेंट का 9% हिस्सा है, लेकिन कंपनी कुल मार्केट वैल्यू का 28% हिस्सा अपने नाम कर चुकी है।
'मेक इन इंडिया' का ग्लोबल कनेक्शन
भारत अब Apple के ग्लोबल सप्लाई चेन का अहम हिस्सा है। Foxconn और Tata Electronics जैसी कंपनियों के साथ मिलकर Apple अब भारत में ही अपने फ्लैगशिप iPhone 18 Pro और Pro Max मॉडल्स बना रहा है। ये मेड-इन-इंडिया फोन अब सीधे ग्लोबल लॉन्च के लिए एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं।
एक्सपोर्ट का धमाकेदार ग्राफ
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में क्रांति आई है। साल 2015 में मोबाइल एक्सपोर्ट जहां महज ₹1,566 करोड़ था, वह 2026 फाइनेंशियल ईयर में बढ़कर ₹2.60 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है। वहीं, देश में कुल मोबाइल प्रोडक्शन ₹6.27 लाख करोड़ के आंकड़े को छू चुका है। निवेशकों के लिए यह ग्रोथ और मैन्युफैक्चरिंग एक्सपेंशन आने वाले समय में एक बड़ा संकेत है।
