Apple India ने फाइनेंशियल ईयर **2026** में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू **32%** बढ़कर **₹1,04,607 करोड़** के पार पहुंच गया है, वहीं नेट प्रॉफिट **₹5,311 करोड़** दर्ज किया गया है।
मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा दांव\n\nकंपनी का नेट प्रॉफिट रेवेन्यू की तुलना में तेजी से बढ़ा है, जो 66% की उछाल के साथ ₹5,311 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी ने कुल ₹96,224 करोड़ का खर्च किया, जो यह दर्शाता है कि मैन्युफैक्चरिंग को स्केल करने के बावजूद कंपनी ने अपने खर्चों पर कड़ी पकड़ बनाए रखी है। स्थानीय स्तर पर असेंबली और प्रोडक्शन बढ़ने से कंपनी ने सप्लाई चेन की दिक्कतों को बहुत प्रभावी ढंग से हल किया है। इसमें Tata Electronics जैसे कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स के साथ पार्टनरशिप ने कंपनी को भारत में जड़ें जमाने में बड़ी मदद की है।\n\n### प्रीमियम सेगमेंट में दबदबा\n\nयह नतीजे साबित करते हैं कि भारतीय प्रीमियम स्मार्टफोन मार्केट में iPhone की मांग अब भी बरकरार है। जहां इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के अन्य सेगमेंट में सुस्ती दिख रही है, वहीं Apple ने महानगरों के अलावा टियर-2 शहरों में भी अपनी पहुंच और मांग को मजबूती दी है।\n\nअब निवेशकों और मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपने प्रीमियम प्राइसिंग और बदलते सरकारी नियमों के बीच संतुलन कैसे बनाती है। जैसे-जैसे कंपनी अपना रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग फुटप्रिंट बढ़ा रही है, ग्लोबल डिमांड और इंपोर्ट नीतियों का असर आने वाली तिमाहियों में महत्वपूर्ण साबित होगा।