Apple में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी के बीच, नए CEO जॉन टेर्नस ने हार्डवेयर की पूर्व एग्जीक्यूटिव लॉरा लेग्रोस को अपनी टीम में वापस बुलाया है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब कंपनी के शेयर में **7%** की गिरावट आई है और यह **$308.91** पर आ गया है।
Apple की नई कमान, पुरानी टीम!
Apple में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारियाँ जोरों पर हैं। 1 सितंबर 2026 से जॉन टेर्नस (John Ternus) कंपनी के नए CEO का पद संभालेंगे और उन्होंने अपनी टीम को मजबूत करने की पहली बड़ी कवायद शुरू कर दी है। टेर्नस ने लॉरा लेग्रोस (Laura Legros) को वापस बुलाया है, जो पहले हार्डवेयर इंजीनियरिंग की वाइस प्रेसिडेंट रह चुकी हैं और 2022 में रिटायर हुई थीं। यह वापसी ऐसे समय में हो रही है जब कंपनी एक महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रही है, और लेग्रोस की वापसी को ऑपरेशंस को मजबूत करने के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
लेग्रोस की वापसी से क्या होगा?
लॉरा लेग्रोस अब वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर क्रॉस-फंक्शनल प्रोडक्ट डिलीवरी और इंजीनियरिंग टीमों के बीच तालमेल पर ध्यान केंद्रित करेंगी। उनकी वापसी सिर्फ इसलिए अहम नहीं है कि उन्होंने iPad Air और MacBook Air जैसे सफल प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग में अहम भूमिका निभाई थी, बल्कि यह नए CEO की नेतृत्व शैली में संभावित बदलाव का संकेत भी देती है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब Apple में बड़े पैमाने पर नेतृत्व परिवर्तन की उम्मीद है। CEO टिम कुक (Tim Cook) एक्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका में जा रहे हैं, और सरकारी मामलों व सूचना प्रणाली जैसे विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी रिटायरमेंट के करीब बताए जा रहे हैं।
शेयर पर क्यों है दबाव?
निवेशक इस नेतृत्व फेरबदल पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं, खासकर कंपनी के हालिया वित्तीय प्रदर्शन को देखते हुए। Apple के शेयर में हाल ही में लगभग 7.35% की गिरावट आई और यह $308.91 पर पहुँच गया। यह गिरावट कंपनी की तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद आई है। हालाँकि, कंपनी ने $109.4 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 16% अधिक है, लेकिन मैनेजमेंट द्वारा सितंबर तिमाही के लिए अनुमानित रेवेन्यू को लेकर दी गई सतर्कता भरी गाइडेंस के बाद मार्केट का सेंटिमेंट कमजोर पड़ गया।
सप्लाई चेन और लागत का डबल अटैक
शेयरों पर यह दबाव मुख्य रूप से ऑपरेशनल चुनौतियों से जुड़ा है। नतीजों के दौरान, मैनेजमेंट ने सप्लाई चेन में गंभीर बाधाओं का जिक्र किया, खासकर एडवांस्ड प्रोसेसर्स को लेकर। इसके अलावा, DRAM और NAND जैसे मेमोरी कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत भी मार्जिन पर दबाव बना रही है। इन बढ़ती लागतों के कारण कंपनी को या तो खुद नुकसान उठाना पड़ेगा या फिर ग्राहकों से कीमत वसूलनी होगी, जिसका असर भविष्य के प्रोडक्ट्स की मांग पर पड़ सकता है।
आगे क्या?
निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जॉन टेर्नस की नई मैनेजमेंट टीम इन सप्लाई चेन और लागत की मुश्किलों से कैसे निपटती है। जब कई वरिष्ठ अधिकारी अपनी भूमिकाओं से हट रहे हैं, तो Apple के प्रोडक्ट डिलीवरी की स्थिरता और बढ़ते कंपोनेंट लागतों के बीच प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की उसकी क्षमता महत्वपूर्ण होगी। बाज़ार के जानकार नई लीडरशिप द्वारा इन चुनौतियों से निपटने के तरीके को समझने के लिए भविष्य की नियुक्तियों और ऑपरेशनल अपडेट्स पर नजर रखेंगे।
