Apple ने अपनी Apple Watch Series 12 के लिए 'Live Rewind' और 'Siri Recap' जैसे नए AI फीचर्स की टेस्टिंग शुरू कर दी है। इन टूल्स से यूजर एक्सपीरियंस तो बेहतर होगा, लेकिन बढ़ते खर्चों के बीच निवेशकों की नजर कंपनी के मार्जिन पर टिकी है।
एम्बिएंट कंप्यूटिंग की दुनिया में Apple का बड़ा कदम
Apple ने अपनी नई स्मार्टवॉच—Apple Watch Series 12 और Ultra 4—के लिए धांसू AI फीचर्स पेश किए हैं। watchOS 27.3 के बीटा वर्जन में 'Live Rewind' और 'Siri Recap' नाम के ये टूल्स दिए गए हैं। ये माइक्रोफोन की मदद से बैकग्राउंड में होने वाली बातचीत को रिकॉर्ड कर उनका सारांश (Summary) तैयार करेंगे। यह कदम कंपनी के 'एम्बिएंट कंप्यूटिंग' के विजन को मजबूती देता है, जहां टेक्नोलॉजी पर्दे के पीछे रहकर काम करती है।
शेयर में आई तूफानी तेजी
बाजार का मूड इस समय काफी बुलिश है। 4 नवंबर, 2026 को Apple का शेयर 5.4% चढ़कर $349.84 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। इस तेजी के पीछे कंपनी के शानदार फाइनेंशियल नतीजे हैं। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का सालाना रेवेन्यू $478.8 बिलियन के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जबकि चौथी तिमाही का रेवेन्यू $114.5 बिलियन रहा।
मार्जिन का गणित और रिस्क
भले ही शेयर नई ऊंचाई पर है, लेकिन मैनेजमेंट ने दिसंबर तिमाही के लिए ग्रॉस मार्जिन 45%-46% रहने का अनुमान दिया है। इसके पीछे दो मुख्य चिंताएं हैं: AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता भारी-भरकम खर्च और NAND फ्लैश मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतें।
वहीं, एक बड़ा रिस्क प्राइवेसी का भी है। 'always-on' फीचर के जरिए लगातार ऑडियो रिकॉर्ड करने पर रेगुलेटरी जांच का खतरा बना हुआ है। कंपनी का कहना है कि डेटा प्रोसेस डिवाइस पर ही हो रहा है, लेकिन डेटा और कंसेंट के मुद्दे भविष्य में कानूनी अड़चनें पैदा कर सकते हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या ये नए AI फीचर्स हार्डवेयर की बिक्री को बूस्ट कर पाते हैं और कंपनी अपनी लागत को कैसे कंट्रोल में रखती है।
