Apple ने अपने पुराने iPhone मॉडल्स की कीमतों में **$100** की बढ़ोतरी कर दी है। भारत में तो यह इजाफा करीब **20.5%** तक पहुंच गया है, जो कंपनी की पुरानी रणनीति से बिल्कुल उलट है। इस कदम के पीछे AI हार्डवेयर की बढ़ती मांग और चिप्स की किल्लत बड़ी वजह है।
इवेंट में क्या हुआ?
हाल ही में हुए 'Surprise and Shine' इवेंट में CEO John Ternus ने iPhone 18, iPhone 18 Pro और फोल्डेबल iPhone Duo को पेश किया। लेकिन लॉन्च के साथ ही कंपनी ने एक बड़ा सरप्राइज देते हुए अपने पुराने मॉडल्स की कीमतें बढ़ा दी हैं।
क्यों बढ़े दाम?
यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि दुनिया भर में मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की भारी कमी है। AI टेक्नोलॉजी और डेटा सेंटर्स के विस्तार के कारण इन कंपोनेंट्स की लागत बढ़ गई है, जिसे अब कंपनी पूरी तरह खुद वहन नहीं कर पा रही है।
कंपनी का नया रुख
Apple ने अपने पोर्टफोलियो को सरल बनाने के लिए iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max को बंद करने का फैसला किया है। कंपनी अब अपना पूरा ध्यान हाई-मार्जिन यूनिट्स पर लगा रही है। हालांकि, ग्राहकों के लिए अब एंट्री-लेवल विकल्प महंगे हो गए हैं। इस झटके को कम करने के लिए Apple अपने 'iPhone Upgrade' प्रोग्राम के जरिए मंथली किस्तों (EMI) का विकल्प दे रही है।
मार्केट एक्सपर्ट्स इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि क्या ग्राहकों को ये बढ़ी हुई कीमतें स्वीकार्य होंगी या डिमांड पर असर पड़ेगा। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि नए फोल्डेबल फोन की बिक्री पुराने मॉडल्स में आई इस सुस्ती की भरपाई कर पाती है या नहीं।
