Apple के ग्राहकों को अब MacBook Air के लिए सितंबर तक इंतजार करना पड़ सकता है। कंपनी ग्लोबल मेमोरी चिप की कमी से जूझ रही है, जिसकी वजह AI हार्डवेयर की भारी मांग बताई जा रही है। इस सप्लाई समस्या का असर कंपनी की मार्केटिंग और बिक्री पर भी पड़ रहा है।
स्टॉक में कमी से ग्राहकों को झटका
पूरी दुनिया में सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन एक बार फिर दबाव में आ गई है, और इसी का असर है कि Apple को अपने लोकप्रिय MacBook Air की सप्लाई बनाए रखने में दिक्कत हो रही है। शुरुआत में यह चिप की कमी सिर्फ Mac Studio और Mac mini जैसे प्रोफेशनल मॉडल्स को प्रभावित कर रही थी, लेकिन अब कंपनी के सबसे ज्यादा बिकने वाले लैपटॉप मॉडल पर भी इसका असर दिखने लगा है।
जो ग्राहक MacBook Air खरीदना चाहते हैं, उन्हें अब काफी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कंपनी के आधिकारिक स्टोर के मुताबिक, कुछ मॉडल्स की डिलीवरी सितंबर तक ही संभव हो पा रही है। यह स्थिति Apple के लिए असामान्य है, जो आमतौर पर अपनी बेहतरीन सप्लाई चेन मैनेजमेंट के लिए जानी जाती है। ऐसे समय में जब 'बैक-टू-स्कूल' सीजन के चलते Mac की बिक्री बढ़ने की उम्मीद होती है, यह कमी चिंता का विषय है।
AI की मांग ने बढ़ाई मुसीबत
इस कमी की मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों द्वारा मेमोरी चिप्स की भारी मांग है। ये कंपनियां अपने डेटा सेंटर के लिए हाई-एंड क्षमता वाली चिप्स को प्राथमिकता दे रही हैं। इस वजह से Apple को अपनी सोर्सिंग स्ट्रेटेजी पर फिर से विचार करना पड़ रहा है। खबरें हैं कि Apple नए मेमोरी सप्लायर्स से हाथ मिलाने की सोच रही है, जिसमें चीन की कंपनियां भी शामिल हो सकती हैं, ताकि मौजूदा सप्लाई नेटवर्क पर निर्भरता कम की जा सके।
कीमतों पर भी पड़ सकता है असर?
इसके अलावा, इन कंपोनेंट्स की लागत भी एक बड़ा फैक्टर है। Apple के पास भले ही प्राइसिंग पावर हो, लेकिन कंपनी के लिए मार्जिन बनाए रखने और लैपटॉप मार्केट में कॉम्पिटिटिव बने रहने के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple अपने लैपटॉप की कीमतों में बढ़ोतरी पर विचार कर सकती है ताकि बढ़ते कंपोनेंट कॉस्ट को मैनेज किया जा सके। अगर ऐसा होता है, तो यह ग्राहकों की मांग को प्रभावित कर सकता है।
निवेशकों के लिए चिंता के विषय
निवेशकों के लिए, मुख्य चिंता सिर्फ तात्कालिक बिक्री पर असर की नहीं है, बल्कि मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव की भी है, खासकर अगर कंपनी को सीमित चिप सप्लाई के लिए प्रीमियम चुकाना पड़े। साथ ही, आने वाले नए प्रोडक्ट्स की प्रोडक्शन को तय समय पर पूरा करने की Apple की क्षमता एक महत्वपूर्ण इंडिकेटर होगी। हाल के वर्षों में Apple ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग को डायवर्सिफाई किया है, लेकिन यह मेमोरी बॉटलनेक दिखाता है कि टेक दिग्गज भी सेक्टर-वाइड सप्लाई की कमी से अछूते नहीं हैं। निवेशकों को आने वाली तिमाही रिपोर्ट्स में मैनेजमेंट की तरफ से कंपोनेंट उपलब्धता और प्राइसिंग या सप्लायर एग्रीमेंट्स में किसी भी बदलाव पर नजर रखनी चाहिए।
