साल 2026 में Apple के लिए भारत में मुसीबतें बढ़ सकती हैं। नए 'iPhone Duo' और मौजूदा मॉडल्स की भारी-भरकम कीमतों के कारण कंपनी की सेल में पहली बार सालाना गिरावट आने का अनुमान है।
बिक्री में गिरावट, फिर भी रेवेन्यू में ग्रोथ की उम्मीद
IDC India और Counterpoint Research की रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 में Apple के iPhone की यूनिट सेल में लो-सिंगल डिजिट की गिरावट देखी जा सकती है। यह कंपनी के लिए भारत में अब तक का पहला ऐसा मौका होगा जब वॉल्यूम के मामले में उसे झटका लगेगा। हालांकि, कंपनी की स्ट्रैटेजी अब वॉल्यूम से ज्यादा वैल्यू पर है। विश्लेषकों का मानना है कि यूनिट सेल घटने के बावजूद, कंपनी का रेवेन्यू 6% से 7% तक बढ़ सकता है, क्योंकि Apple अब महंगे प्रोडक्ट्स पर अपना फोकस शिफ्ट कर रही है।
क्यों इतने महंगे हैं फोन?
भारत में नए 'iPhone Duo' की कीमत ₹2,99,900 से लेकर ₹4,49,900 के बीच है, जबकि अमेरिका में इसकी शुरुआती कीमत लगभग $1,999 है। इस बड़े अंतर की मुख्य वजह 17% इंपोर्ट ड्यूटी, 18% GST और करेंसी फ्लक्चुएशन है। इन टैक्स और खर्चों के कारण भारत में iPhone की प्रभावी कीमत में लगभग 40% का इजाफा हो जाता है। यही नहीं, पुराने मॉडल्स की कीमतों में भी 20% से 29% तक की बढ़ोतरी हुई है।
ग्रे-मार्केट और रेग्युलेटरी रिस्क
ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन ने चिंता जताई है कि कीमतों के इस भारी अंतर के कारण ग्राहक विदेश (जैसे दुबई या अमेरिका) से फोन खरीदना पसंद कर सकते हैं। इससे ग्रे-मार्केट और पर्सनल इंपोर्ट्स को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय ऑथोराइज्ड रिटेलर्स को नुकसान होगा। इसके अलावा, Apple पर CCI की ओर से एंटी-ट्रस्ट जांच का भी दबाव है, जो App Store की प्रैक्टिस से जुड़ी है। यदि कंपनी दोषी पाई जाती है, तो उसे भारी फाइनेंशियल पेनल्टी चुकानी पड़ सकती है।
