Apple ने iPhone 18 Pro और Pro Max के लिए कम्पोनेंट ऑर्डर्स में **15% से 20%** तक की कटौती का फैसला लिया है। खराब कंज्यूमर डिमांड, **$100** की प्राइस हाइक और बढ़ते मेमोरी चिप कॉस्ट्स इस फैसले के पीछे की मुख्य वजहें हैं।
डिमांड में सुस्ती और कीमतों का दबाव
कंपनी के लेटेस्ट फ्लैगशिप फोन्स, iPhone 18 Pro और Pro Max को मार्केट में हाल ही में उतारा गया था। इनकी शुरुआती कीमत $1,199 और $1,299 तय की गई है, जो पुराने मॉडल्स के मुकाबले $100 महंगी है। फिलहाल, मार्केट में ग्राहकों का रिस्पॉन्स उम्मीद से धीमा है, जिससे इन्वेंट्री मैनेजमेंट को लेकर कंपनी को सतर्क होना पड़ा है।
सेमीकंडक्टर और AI चिप्स का संकट
प्रोडक्शन में आई इस बाधा के पीछे केवल डिमांड ही नहीं, बल्कि सप्लाई चेन का दबाव भी है। AI डेटा सेंटर्स की बढ़ती मांग के कारण DRAM और NAND जैसे मेमोरी चिप्स की भारी कमी देखी जा रही है। चिप्स की बढ़ती कीमतों के कारण Apple के लिए मार्जिन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। अब कंपनी को यह तय करना है कि वे खुद लागत का बोझ उठाएं या ग्राहकों पर कीमतों का और बोझ डालें।
आगे की रणनीति और रिस्क
Apple अपनी 2026 की प्रोडक्ट रोडमैप के तहत प्रीमियम मॉडल्स पर ज्यादा जोर दे रही है। कंपनी ने iPhone 18 और iPhone Air जैसे स्टैंडर्ड मॉडल्स को 2027 की शुरुआत तक के लिए टाल दिया है। हालांकि, प्रीमियम सेगमेंट में सुस्ती बने रहने से प्रोडक्शन में आगे और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। निवेशकों के लिए अब अगले आने वाले हॉलिडे सीजन की बिक्री और कंपनी की मार्जिन कमेंट्री पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
