Apple ने अमेरिका की Perryman Company के साथ **$100 मिलियन** की डील की है, जिसके तहत आने वाले iPhones के लिए रिसाइकल्ड टाइटेनियम की खरीद की जाएगी। यह कदम अमेरिका में ही मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
Apple अपने अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालिया समझौते के तहत, पेंसिल्वेनिया स्थित Perryman Company एप्पल को ऐसा टाइटेनियम सप्लाई करेगी जिसमें कम से कम 80% रिसाइकल्ड कंटेंट होगा। इसे कंपनी के आने वाले iPhone मॉडल्स में इस्तेमाल किया जाएगा। यह डील Apple के उस महत्वाकांक्षी प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसके जरिए कंपनी अपनी सप्लाई चेन को अंतरराष्ट्रीय हब से हटाकर अमेरिका में शिफ्ट कर रही है।
बड़ी औद्योगिक रणनीति
Perryman Company के साथ यह डील कोई इकलौती पहल नहीं है। Apple का कुल $600 बिलियन का 4 साल का बड़ा निवेश प्लान है। इसके तहत कंपनी पहले से ही डेलावेयर में Qnity Electronics, एरिज़ोना में TSMC की चिप फैसिलिटी और केंटकी में Corning के साथ मिलकर काम कर रही है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों के नजरिए से इस रणनीति के दो पहलू हैं। एक तरफ, घरेलू सप्लाई चेन से जियो-पॉलिटिकल रिस्क कम होंगे और सस्टेनेबिलिटी गोल्स हासिल होंगे। दूसरी तरफ, अमेरिका में लेबर और रेगुलेटरी लागत एशिया के मुकाबले काफी अधिक है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या ये फैसिलिटीज अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स जैसी दक्षता दिखा पाएंगी? बढ़ती लागत से कंपनी के मार्जिन्स पर असर पड़ने की आशंका है, इसलिए निवेशकों को Apple के आने वाले क्वार्टरली अपडेट्स और मैनेजमेंट कमेंट्री पर बारीक नजर रखनी चाहिए।
