Apple ने चेन्नई से शिकागो तक **200 टन** से अधिक iPhones भेजने के लिए दो Boeing 747 मालवाहक विमानों (freighter aircraft) को चार्टर किया है। इस कदम से कंपनी लॉजिस्टिक की भीड़भाड़ से बचते हुए ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत कर रही है।
दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शुमार Apple अब भारतीय एक्सपोर्ट ऑपरेशन्स को बड़े स्तर पर बढ़ा रही है। चेन्नई से शिकागो के लिए दो समर्पित Boeing 747 मालवाहक विमानों की तैनाती की गई है, ताकि 200 टन से ज्यादा iPhones को बिना किसी देरी के ग्लोबल मार्केट तक पहुँचाया जा सके। इस रणनीति का मुख्य मकसद एयर कार्गो की भीड़ से बचना है, ताकि Pro-सीरीज के लेटेस्ट मॉडल्स समय पर अमेरिका के स्टोर्स तक पहुँच सकें।
ग्रीन चैनल का मिला सहारा
इन शिपमेंट्स को Airports Authority of India की सब्सिडियरी, 'AAI Cargo Logistics and Allied Services Company' द्वारा संचालित 'ग्रीन चैनल' के जरिए क्लीयर किया गया है। यह चेन्नई कार्गो कॉरिडोर की अहमियत को दर्शाता है। सामान्य कमर्शियल फ्लाइट्स के बजाय चार्टर्ड विमानों का उपयोग करना, Apple की उस रणनीति का हिस्सा है जिससे वह लॉजिस्टिक्स की रुकावटों को पहले ही खत्म कर रही है।
भारत: मैन्युफैक्चरिंग का नया केंद्र
यह डेवलपमेंट भारत के एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने के सफर में एक मील का पत्थर है। इन फोन्स की असेंबली Foxconn और Tata Electronics जैसी दिग्गज कंपनियों की फैसिलिटीज में की जा रही है। अप्रैल 2025 में भी कंपनी ने इसी तरह 600 टन डिवाइस को एक्सपोर्ट किया था, जो बताता है कि भारत अब केवल असेंबली ही नहीं, बल्कि ग्लोबल डिस्ट्रिब्यूशन की जटिलताओं को भी संभालने के लिए तैयार है। निवेशकों के लिए, भारतीय प्लांट्स में बढ़ता प्रोडक्शन वॉल्यूम और ऐसी स्मूथ लॉजिस्टिक ऑपरेशन्स आने वाले समय में कंपनी की ग्लोबल सप्लाई चेन के लिए काफी महत्वपूर्ण रहेंगे।
