Apple के नए CEO John Ternus ने अपने पहले बड़े इवेंट में AI स्ट्रैटेजी का ऐलान किया है, जहाँ iPhone को एक 'इंटेलिजेंट पर्सनल हब' के तौर पर पेश किया गया। निवेशकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया के बीच शेयर **0.79%** गिरकर **$313.74** पर बंद हुआ।
नई लीडरशिप का पहला बड़ा कदम
Apple के नए CEO John Ternus ने 9 सितंबर, 2026 को "Surprise and Shine" इवेंट के जरिए अपनी विजन को दुनिया के सामने रखा। Tim Cook के बाद पदभार संभालने वाले Ternus ने अब iPhone को सिर्फ एक स्मार्टफोन नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए एक 'इंटेलिजेंट पर्सनल हब' के रूप में स्थापित करने का दांव खेला है।
हाइब्रिड AI आर्किटेक्चर की तैयारी
कंपनी ने क्लाउड पर निर्भरता कम करने के लिए एक 'हाइब्रिड आर्किटेक्चर' तैयार किया है। इसमें डेटा प्रोसेसिंग डिवाइस पर ही होगी और क्लाउड का उपयोग केवल जरूरत पड़ने पर किया जाएगा। प्राइवेसी को अपना मुख्य हथियार मानते हुए, Apple ने इस इवेंट में पहली बार फोल्डेबल iPhone को पेश करके हार्डवेयर के मोर्चे पर बड़ी हलचल मचा दी है।
क्या मार्केट को पसंद आई रणनीति?
रणनीति स्पष्ट होने के बावजूद निवेशकों का मूड थोड़ा ठंडा रहा। स्टॉक 0.79% की गिरावट के साथ $313.74 पर कारोबार कर रहा है। हालिया फाइनेंशियल ईयर के नतीजों में कंपनी ने $109.4 बिलियन का रेवेन्यू और 50.1% का ग्रॉस मार्जिन दर्ज किया था, जो कंपनी की मजबूती को तो दर्शाता है, लेकिन अब बाजार की नजर मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव पर है।
चुनौतियां और भविष्य की चिंताएं
निवेशकों को मुख्य रूप से दो बातों की चिंता है:
- बढ़ती लागत: मेमोरी और अन्य कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतों का असर मुनाफे पर पड़ सकता है।
- सप्लाई चेन: चिपमेकिंग से जुड़ी बाधाएं नए प्रोडक्ट्स की उपलब्धता को सीमित कर सकती हैं।
इसके अलावा, Apple को अभी भी अपने Siri को अन्य जनरेटिव AI मॉडल्स के स्तर पर लाने और App Store से जुड़े रेगुलेटरी विवादों का सामना करना है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कंपनी अपने 50% के ग्रॉस मार्जिन को मेंटेन कर पाती है या नहीं।
