Anthropic की भारत में एंट्री: अब AWS सर्वर पर होगा Claude AI का डेटा प्रोसेस

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AuthorMehul Desai|Published at:
Anthropic की भारत में एंट्री: अब AWS सर्वर पर होगा Claude AI का डेटा प्रोसेस

AI कंपनी Anthropic ने भारत में अपने Claude AI मॉडल के लिए लोकल डेटा प्रोसेसिंग शुरू कर दी है। Amazon Web Services (AWS) के इंडियन सर्वर का इस्तेमाल करके, यह कदम बैंकिंग और इंश्योरेंस जैसे रेगुलेटेड सेक्टरों को अपना सेंसिटिव डेटा देश के अंदर रखने की सुविधा देगा। TCS और Infosys जैसी बड़ी इंडियन IT कंपनियां पहले से ही क्लाइंट्स के लिए Claude को इंटीग्रेट कर रही हैं।

अब इंडिया में ही होगा Claude AI का डेटा प्रोसेसिंग

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी कंपनी Anthropic ने भारत में अपने Claude AI मॉडल के लिए इन-कंट्री डेटा प्रोसेसिंग की शुरुआत कर दी है। इसके लिए Amazon Web Services (AWS) के इंडियन इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जा रहा है। सोमवार को की गई इस घोषणा के अनुसार, अब भारतीय संगठन अपने AI रिक्वेस्ट को डोमेस्टिक सर्वर पर ही प्रोसेस कर पाएंगे, जिसे लोकल इन्फेरेंस (local inference) भी कहा जाता है।

रेगुलेटेड इंडस्ट्रीज के लिए बड़ा कदम

भारत में कई कंपनियों, खासकर बैंकिंग, इंश्योरेंस और टेलीकॉम जैसे सेक्टरों के लिए डेटा सोवरेनिटी (data sovereignty) यानी डेटा को राष्ट्रीय सीमाओं के अंदर रखना एक कानूनी और ऑपरेशनल ज़रूरत है। इस डेवलपमेंट से पहले, सेंसिटिव कस्टमर डेटा को संभालने वाली कंपनियों को एक्सपेरिमेंटल AI प्रोजेक्ट्स से फुल-स्केल डिप्लॉयमेंट तक जाने में दिक्कतें आती थीं। लेकिन अब, डेटा को भारत के अंदर रखकर, ये संस्थाएं रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स का बेहतर पालन कर सकेंगी और अपने ऑडिट ट्रेल्स पर ज़्यादा कंट्रोल रख पाएंगी।

Kotak Mahindra Bank जैसे प्रमुख वित्तीय संस्थानों के एग्जीक्यूटिव्स ने कहा है कि लोकल इंफ्रास्ट्रक्चर में काम करने वाले हाई-लेवल AI टूल्स तक पहुंच मिलना, लोकल टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के लिए एक पॉजिटिव बदलाव है। यह सुविधा Amazon Bedrock के ज़रिये मैनेज की जाती है, जो कंप्लायंस टीमों को कोर बिजनेस सिस्टम के लिए नए सॉफ्टवेयर को अप्रूव करने से पहले ज़रूरी सिक्योरिटी और एक्सेस कंट्रोल्स प्रदान करती है।

इंडियन IT सर्विसेज का रोल

इस टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर अपनाने में भारत के IT सर्विसेज सेक्टर की अहम भूमिका है। Tata Consultancy Services (TCS), Infosys और Cognizant जैसी कंपनियां पहले से ही Claude को अपने सर्विस पोर्टफोलियो में शामिल कर रही हैं। उदाहरण के लिए, TCS ने इन AI मॉडल्स में एक्सपर्टीज डेवलप करने के लिए 50,000 कर्मचारियों के लिए एक ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है, जबकि Infosys ने अपनी Topaz प्लेटफॉर्म में इन कैपेबिलिटीज को इंटीग्रेट करने के लिए एक Anthropic Center of Excellence स्थापित किया है। यह दर्शाता है कि भारतीय IT फर्म्स अपने ग्लोबल और डोमेस्टिक क्लाइंट बेस के लिए जेनरेटिव AI के कमर्शियलाइजेशन को प्राथमिकता दे रही हैं।

मार्केट कमिटमेंट और आगे के कदम

Anthropic भारत में टैलेंट डेवलपमेंट पर भी फोकस कर रहा है, जिसके तहत इस हफ्ते बेंगलुरु में एक सर्टिफिकेशन इवेंट आयोजित किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य 5,000 लोगों को ट्रेन करना है। कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी को उसके Claude Partner Network का सपोर्ट मिला है, जिसे 2026 की शुरुआत में ग्लोबल लॉन्च के बाद से भारतीय व्यवसायों से काफी रुचि मिली है।

निवेशक और इंडस्ट्री ऑब्ज़र्वर्स इस बात पर नज़र रखेंगे कि ये लोकल प्रोसेसिंग कैपेबिलिटीज भारतीय IT सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए रेवेन्यू ग्रोथ में कितनी जल्दी तब्दील होती हैं। मुख्य बात यह होगी कि कोर बैंकिंग और इंश्योरेंस सिस्टम में एडॉप्शन की असली स्पीड क्या रहती है, क्योंकि इन सेक्टर्स में सख्त सिक्योरिटी और कंप्लायंस वैलिडेशन प्रोसेस के कारण आमतौर पर प्रोक्योरमेंट साइकिल लंबे होते हैं।

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