AI दिग्गज Anthropic ने अमेरिकी सांसदों को एक ड्राफ्ट बिल सौंपा है, जिसका मकसद 'फ्रंटियर' AI मॉडल्स को रेगुलेट करना है। इस प्रस्ताव के तहत सरकार को उन AI सिस्टम्स को रोकने का अधिकार मिल सकता है, जिनसे **$1 बिलियन** से ज्यादा का नुकसान या बड़ा जान-माल का खतरा हो।
AI के क्षेत्र में दिग्गजों की रणनीति बदल रही है। अब कंपनियाँ सिर्फ नियमों का इंतज़ार नहीं कर रहीं, बल्कि खुद उन्हें बनाने में जुटी हैं। Anthropic ने अमेरिकी सरकार को एक नया ड्राफ्ट बिल सौंपा है, जिसमें शक्तिशाली AI मॉडल्स की निगरानी के लिए एक फेडरल सिस्टम बनाने की मांग की गई है।
क्या है सुरक्षा के नए मानक?
इस ड्राफ्ट में सरकार की दखल के लिए कुछ स्पष्ट पैमाने तय किए गए हैं। अगर कोई AI सिस्टम 50 से ज्यादा लोगों की जान को खतरा पैदा करता है या $1 बिलियन से अधिक का आर्थिक नुकसान पहुँचा सकता है, तो सरकार उसे रिलीज होने से रोक सकेगी। ये पहली बार है जब किसी कंपनी ने AI के लिए इतने सख्त 'क्वांटिटेटिव लिमिट्स' प्रस्तावित किए हैं।
छोटे स्टार्टअप्स पर बढ़ेगा दबाव
निवेशकों के नजरिए से यह कदम काफी महत्वपूर्ण है। Anthropic जैसी बड़ी कंपनियां, जिन्हें Amazon और Google का समर्थन प्राप्त है, इन मानकों का पालन आसानी से कर सकती हैं। लेकिन, स्टार्टअप्स और छोटी फर्मों के लिए यह 'कंप्लायंस' एक बहुत बड़ा और महंगा बोझ बन सकता है। जानकारों का मानना है कि इससे बाजार में कॉम्पिटिशन कम हो सकता है और केवल उन्हीं कंपनियों का दबदबा रह जाएगा, जिनके पास सुरक्षा और रेगुलेशन के लिए भारी पैसा है।
प्रतिस्पर्धियों पर बढ़ेगा दबाव
Anthropic के इस कदम से अब OpenAI और Meta जैसे प्रतिद्वंद्वियों पर भी दवाब बढ़ेगा कि वे सुरक्षा मानकों पर अपना रुख स्पष्ट करें। जिस तरह से यूरोपीय संघ (EU) लगातार AI पर सख्ती कर रहा है, Anthropic की यह रणनीति उसे पॉलिसीमेकर्स के बीच एक 'जिम्मेदार' कंपनी के तौर पर स्थापित करेगी। अब देखना यह है कि क्या अमेरिकी संसद इस प्रस्ताव को स्वीकार करती है या अन्य टेक कंपनियां इसे इनोवेशन के खिलाफ बताकर विरोध करती हैं।
