एआई कंपनी Anthropic ने अपने Claude मॉडल्स के लिए भारत में इन-कंट्री डेटा प्रोसेसिंग की सुविधा शुरू कर दी है। इससे TCS, Infosys और LTTS जैसी भारतीय आईटी दिग्गज कंपनियों को बैंकिंग और सरकारी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जनरेटिव एआई अपनाने में बड़ी मदद मिलेगी।
अब डेटा रहेगा भारत में ही
Anthropic ने Amazon Web Services (AWS) के मुंबई और हैदराबाद स्थित इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करके भारत में ही इन-कंट्री इंफरेंस की सुविधा लॉन्च कर दी है। इसका मतलब है कि अब यूजर के प्रॉम्प्ट और एआई के रिस्पॉन्स पूरी तरह से भारतीय सर्वर्स पर ही प्रोसेस होंगे। यह कदम खास तौर पर उन कंपनियों के लिए बड़ी राहत है जो डेटा रेजिडेंसी और कड़े अनुपालन नियमों (compliance) के कारण अब तक एआई तकनीक को अपनाने से हिचकिचा रही थीं।
IT कंपनियों के लिए बड़ी राहत
TCS, Infosys, Cognizant और L&T Technology Services (LTTS) जैसी बड़ी कंपनियां पहले से ही जनरेटिव एआई को अपनी सेवाओं में जोड़ रही हैं। हालांकि, डेटा को भारत में सुरक्षित रखने की मजबूरी एक बड़ी बाधा थी, जो अब दूर हो गई है। इस बदलाव के साथ, ये आईटी दिग्गज अब केवल पायलट प्रोजेक्ट्स तक सीमित न रहकर रेगुलेटेड इंडस्ट्रीज में एआई का बड़े स्तर पर इस्तेमाल कर सकेंगी।
भाषा और रणनीति पर जोर
Anthropic ने भारत को अपना दूसरा सबसे बड़ा मार्केट बनाया है। कंपनी Karya के साथ मिलकर Claude को 10 प्रमुख भारतीय भाषाओं में और बेहतर बनाने पर काम कर रही है, ताकि वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले बेहतर अनुभव दिया जा सके।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि Anthropic एक प्राइवेट कंपनी है और फिलहाल अपने IPO की तैयारी कर रही है। कंपनी का रेवेन्यू तो तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर और कंप्यूटिंग पावर पर भारी खर्च के चलते नेट लॉस भी काफी ज्यादा है। इसके अलावा, कंपनी का बिजनेस मॉडल अभी कुछ चुनिंदा क्लाइंट्स और Amazon व Google जैसी बड़ी पार्टनरशिप पर बहुत अधिक निर्भर है। आने वाले समय में आईटी कंपनियों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे इन एआई सॉल्यूशंस को कैसे मुनाफे में तब्दील कर पाती हैं।
