US इंटेलिजेंस एजेंसियों की मदद से Anthropic ने बड़ा खुलासा किया है। कंपनी का दावा है कि Alibaba समेत चीन की कई AI फर्म्स Claude के 'थिंकिंग प्रोसेस' को चोरी कर रही हैं ताकि अपने राइवल मॉडल्स को ट्रेन कर सकें।
क्या है मॉडल डिस्टिलेशन का खेल?
Anthropic की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की कई AI कंपनियां, जिनमें Alibaba, Moonshot AI, DeepSeek, MiniMax, StepFun और Z.AI शामिल हैं, उनके क्लाउड मॉडल के डेटा को अवैध तरीके से निकाल रही हैं। इस काम के लिए NSA, CISA और FBI जैसी अमेरिकी एजेंसियों ने भी पुष्टि की है। चीनी कंपनियां 'मॉडल डिस्टिलेशन' तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। वे क्लाउड को लाखों प्रॉम्प्ट्स भेजकर उसके काम करने के तरीके, यानी 'चेन ऑफ थॉट' को चुरा रही हैं, जिससे वे बिना भारी निवेश किए अपने AI को ताकतवर बना सकें।
ऑपरेशंस का बड़ा दायरा
मामला इतना गंभीर है कि केवल मई से जुलाई 2026 के बीच 15.1 करोड़ से ज्यादा बार बातचीत की गई। इस ऑपरेशन को पकड़े जाने से बचाने के लिए 3,500 से ज्यादा अलग-अलग अकाउंट्स का इस्तेमाल किया गया। हैरानी की बात यह है कि एक समय पर यह आंकड़ा 30 लाख रिक्वेस्ट प्रति दिन तक पहुंच गया था।
निवेशकों के लिए चेतावनी
यह केवल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) चोरी का मामला नहीं है, बल्कि यह नेशनल सिक्योरिटी के लिए भी बड़ा खतरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि चोरी किए गए इन मॉडल्स में अमेरिकी कंपनियों वाले सेफ्टी गार्डरेल्स नहीं होंगे, जिनका इस्तेमाल भविष्य में सर्विलांस या मिलिट्री ऑपरेशन के लिए किया जा सकता है।
इसका सीधा असर AI कंपनियों पर पड़ सकता है। मुमकिन है कि अमेरिकी सरकार API एक्सेस और एक्सपोर्ट रूल्स को लेकर और भी सख्त नियम लागू करे। ऐसे में जेनरेटिव AI सेक्टर की कंपनियों को नए रेगुलेटरी दबाव झेलने पड़ सकते हैं। निवेशकों को अब सरकारी अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि सुरक्षा के नए कड़े नियम आने वाले समय में कंपनियों की लागत और एक्सेसिबिलिटी पर गहरा असर डाल सकते हैं।
