अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा: AI बचाता है 75% समय, भारत के विकास को देगा रफ़्तार!

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AuthorNeha Patil|Published at:
अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा: AI बचाता है 75% समय, भारत के विकास को देगा रफ़्तार!
Overview

वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने की वकालत कर रहे हैं. उनका कहना है कि AI की मदद से उनका 75% समय बचता है और उनकी प्रोडक्टिविटी (Productivity) कई गुना बढ़ गई है. उन्होंने युवा भारतीयों से AI का इस्तेमाल बिज़नेस शुरू करने और देश के विकास में योगदान देने की अपील की है. अग्रवाल AI को आर्थिक प्रगति, रोज़गार और गरीबी मिटाने का अहम ज़रिया मानते हैं और 'विकसित भारत' का सपना देख रहे हैं.

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AI से प्रोडक्टिविटी (Productivity) में बंपर बढ़ोतरी और भारत का भविष्य

वेदांता (Vedanta) के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बताया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने उनकी पर्सनल प्रोडक्टिविटी (Personal Productivity) को कैसे बदल दिया है. AI की मदद से उनका 75% तक समय बच रहा है और काम में शानदार इज़ाफ़ा हुआ है. अग्रवाल का मानना है कि AI में भारत के आर्थिक विकास और तरक्की को नई ऊंचाइयां देने की ज़बरदस्त क्षमता है.

बिज़नेस बढ़ाने में AI का रोल

अनिल अग्रवाल युवाओं को AI अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं. वे इसे रोज़गार के लिए खतरा नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली सहयोगी मानते हैं. उनका कहना है कि युवा भारतीयों को AI सिस्टम के साथ इंटरैक्ट (Interact) करना सीखना चाहिए ताकि वे अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल कर सकें. अग्रवाल का मानना है कि AI बिज़नेस शुरू करने, भारत को एक विकसित राष्ट्र ('विकसित भारत') बनाने की महत्वाकांक्षा को तेज़ करने और छोटे बिज़नेस को ग्लोबल लेवल पर कॉम्पिटिशन (Competition) में खड़ा करने के लिए बेहद ज़रूरी है.

ग्लोबल AI दौड़ में भारत की पोजीशन

चीन के AI को तेज़ी से अपनाने के तरीके से भारत की तुलना करते हुए, अग्रवाल ने ग्लोबल AI कॉम्पिटिशन (Competition) में जल्दी शुरुआत करने के महत्व पर ज़ोर दिया. उनका मानना है कि भारत के स्किल्ड (Skilled) और इंग्लिश बोलने वाले वर्कफोर्स (Workforce) के चलते AI का फायदा उठाने के लिए अच्छी पोजीशन में है. इस एडवांटेज (Advantage) से भारत को आर्थिक और सामाजिक तरक्की में बड़ी मदद मिलेगी, जिसमें रोज़गार पैदा करना और गरीबी कम करना शामिल है. एक 2025 के सर्वे (Survey) के मुताबिक, 60% से ज़्यादा प्रोफेशनल्स (Professionals) ने AI से 25-50% तक प्रोडक्टिविटी (Productivity) में बढ़ोतरी का अनुभव किया है.

AI की एनर्जी डिमांड (Energy Demand) और मौके

अग्रवाल ने AI डेटा सेंटरों (Data Centers) की भारी एनर्जी (Energy) की खपत की ओर भी इशारा किया है. उन्होंने भविष्यवाणी की है कि 2027 तक, AI की एनर्जी की ज़रूरतें अर्जेंटीना (Argentina) जैसे देश की ज़रूरतों के बराबर हो सकती हैं. यह एक चुनौती है, लेकिन भारत के एनर्जी सेक्टर (Energy Sector) और AI मॉडल ट्रेनिंग (AI Model Training) पर फोकस करने वाले स्टार्टअप्स (Startups) के लिए बड़े मौके भी पैदा करती है. वे इस बात पर ज़ोर देते हैं कि AI युवा उद्यमियों (Entrepreneurs) के लिए रिटेल (Retail), लॉजिस्टिक्स (Logistics), हेल्थकेयर (Healthcare) और एजुकेशन (Education) जैसे अलग-अलग सेक्टर्स (Sectors) में पारंपरिक बिज़नेस मॉडल (Business Models) को बदलने की अपार क्षमता रखता है.

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.