Andhra Pradesh सरकार ने आने वाले 5 वर्षों में 23 डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने की योजना का ऐलान किया है। इस पहल का लक्ष्य बिजली और पानी जैसी जरूरी सुविधाओं को एक जगह लाकर डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को आसान बनाना है।
Andhra Pradesh के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने राज्य के डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर एक नई रणनीति का ऐलान किया है। सरकार अब अलग-थलग पड़ने वाले डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स की जगह एक सिस्टेमेटिक और सेंट्रलाइज्ड मॉडल पर काम करेगी।\n\nइस योजना के तहत 23 अलग-अलग जोन बनाए जाएंगे, जहां डेटा सेंटर्स के लिए सबसे जरूरी हाई-वोल्टेज बिजली और पानी की भारी सप्लाई को कुशलता से मैनेज किया जाएगा। ये क्लस्टर क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल सेवाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किए जा रहे हैं।\n\n### इन्वेस्टर के नजरिए से क्यों है अहम?\n\nइस पहल के साथ आंध्र प्रदेश अब मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद जैसे बड़े डेटा सेंटर हब के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा में आ गया है। AdaniConneX, Netmagic, CtrlS और STT GDC जैसी बड़ी कंपनियों के लिए राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता एक बड़ा फैक्टर होगा।\n\nइस प्रोजेक्ट की सफलता का सबसे बड़ा आधार 'एग्जीक्यूशन' यानी क्रियान्वयन है। डेटा सेंटर का काम बहुत ज्यादा कैपिटल-इंटेंसिव होता है और इसमें बिजली की 24/7 सप्लाई सबसे बड़ी चुनौती है। निवेशकों की नजर अब जमीन अधिग्रहण, टेंडर प्रक्रिया और सरकार द्वारा दिए जाने वाले इंसेंटिव्स पर होगी। यदि सरकार तय 5 साल की समय-सीमा में इस इकोसिस्टम को खड़ा कर लेती है, तो यह राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
