आंध्र प्रदेश सरकार ने देश की पहली डेडिकेटेड Quantum और Artificial Intelligence यूनिवर्सिटी को मंजूरी दे दी है। अमरावती में बनने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार की तरफ से **₹730.7 करोड़** की फंडिंग जारी की गई है, जिसका लक्ष्य **8,000** से ज्यादा छात्रों को डीप-टेक में तैयार करना है।
प्रोजेक्ट का रोडमैप और फंडिंग
आंध्र प्रदेश सरकार और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय मिलकर इस ड्रीम प्रोजेक्ट को अमरावती में आकार देंगे। ₹730.7 करोड़ की भारी-भरकम फंडिंग का मकसद भारत को सेमीकंडक्टर, चिप डिजाइन और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। यह यूनिवर्सिटी 'इंडिया क्वांटम मिशन', 'इंडिया AI मिशन' और 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' के साथ मिलकर काम करेगी।
NIELIT के नेतृत्व में होगा विस्तार
इस प्रोजेक्ट को लीड करने की जिम्मेदारी NIELIT (National Institute of Electronics and Information Technology) को दी गई है। 8.5 एकड़ में फैलने वाले इस कैंपस में 1.2 लाख वर्ग फुट का एक खास 'क्वांटम रिसर्च, इनोवेशन और इनक्यूबेशन ब्लॉक' बनाया जाएगा। इसमें क्लीनरूम और अत्याधुनिक लैब जैसी सुविधाएं होंगी, जो क्वांटम हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूरी हैं।
समयसीमा और चुनौतियां
यूनिवर्सिटी के परमानेंट कैंपस बनने तक, इसकी शैक्षणिक गतिविधियां सितंबर 2026 से गुंटूर स्थित आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी के कैंपस से शुरू कर दी जाएंगी। अगले 5 सालों में संस्थान का लक्ष्य 8,250 छात्रों को ट्रेन करना है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कैसे संस्थान समय पर निर्माण कार्य पूरा करता है और डीप-टेक क्षेत्र के लिए बेहतरीन रिसर्च एक्सपर्ट्स को नियुक्त करता है। पांचवें साल तक 3,913 छात्रों के सालाना इनटेक का लक्ष्य हासिल करना संस्थान की बड़ी परीक्षा होगी।
