Amazon की AI ट्रेनिंग का चौंकाने वाला खुलासा: दुर्लभ किताबों को फाड़कर AI को सिखा रही कंपनी!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Amazon की AI ट्रेनिंग का चौंकाने वाला खुलासा: दुर्लभ किताबों को फाड़कर AI को सिखा रही कंपनी!

ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल को बेहतर बनाने के लिए एक अनोखी और विवादास्पद तरीका अपना रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अपने AI को प्रशिक्षित करने के लिए दुर्लभ और आउट-ऑफ-प्रिंट किताबों को नष्ट कर रही है। यह प्रक्रिया लास वेगास स्थित एक सुविधा में की जा रही है, जहाँ किताबों की रीढ़ निकालकर उन्हें स्कैन किया जा रहा है।

AI के लिए इंसानी डेटा की तलाश

टेक्नोलॉजी जगत में इन दिनों AI मॉडल्स को लेकर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा चल रही है। कंपनियां ऐसे AI बनाने की कोशिश में हैं जो ज्यादा सटीक और सक्षम हों। इस राह में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इंटरनेट पर मशीन द्वारा जनरेट किए गए कंटेंट की मात्रा लगातार बढ़ रही है। जब AI मॉडल्स को मशीन-जनरेटेड डेटा पर प्रशिक्षित किया जाता है, तो समय के साथ उनका प्रदर्शन खराब होने लगता है, जिसे 'मॉडल कोलैप्स' कहा जाता है। इस समस्या से बचने के लिए, टेक कंपनियां इंसानों द्वारा लिखे गए उच्च-गुणवत्ता वाले, सत्यापित टेक्स्ट की तलाश कर रही हैं, खासकर 2022 से पहले प्रकाशित सामग्री की, जो आसानी से डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध न हो। इसी वजह से दुर्लभ किताबें अब निशाना बन रही हैं, क्योंकि वे इंसानों द्वारा लिखे गए अनूठे डेटासेट प्रदान करती हैं।

बिजनेस और प्रतिष्ठा पर जोखिम

Amazon ने मीडिया को बताया है कि वे अपने उत्पादों और सेवाओं को विकसित करने के लिए कमर्शियल माध्यमों से किताबें खरीदते हैं। हालांकि, इन किताबों को भौतिक रूप से नष्ट करने का तरीका कई सवाल खड़े कर रहा है। निवेशकों के लिए, यह गतिविधि कई चिंताओं को उजागर करती है:

  • प्रतिष्ठा का जोखिम: ऐतिहासिक या दुर्लभ ग्रंथों को कॉरपोरेट AI मॉडल के लिए नष्ट करने की सार्वजनिक धारणा नकारात्मक हो सकती है। इससे बौद्धिक संपदा की चोरी या सांस्कृतिक विरासत के अनादर के आरोप लग सकते हैं।
  • बौद्धिक संपदा और कॉपीराइट: भले ही कुछ टेक कंपनियां AI ट्रेनिंग के लिए कंटेंट को डिजिटाइज करने को 'फेयर यूज' मानती हों, कॉपीराइट सामग्री के उपयोग को लेकर कानूनी चुनौतियां पूरे AI सेक्टर के लिए एक बड़ा जोखिम बनी हुई हैं। यदि अदालतें या नियामक फैसला करते हैं कि यह प्रथा कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन करती है, तो इससे महंगा मुकदमा, ट्रेनिंग के तरीकों में बदलाव या जुर्माना लग सकता है।
  • नियामक जांच का खतरा: यह कदम AI मॉडल को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए कंपनियों पर पड़ने वाले भारी लागत और संसाधन दबाव को भी रेखांकित करता है। जैसे-जैसे कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा पर भारी खर्च कर रही हैं, निवेशकों को संभावित नियामक अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। दुनिया भर की सरकारें तेजी से इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं कि AI मॉडल को कैसे प्रशिक्षित किया जाता है और उनका डेटा कहां से आता है। AI डेटा नियमों या कॉपीराइट कानूनों में कोई भी अचानक बदलाव Amazon और उसके साथियों को अपनी रणनीतियों को बदलने पर मजबूर कर सकता है, जिससे AI उत्पाद लॉन्च की समय-सीमा प्रभावित हो सकती है या उनके कानूनी और अनुपालन खर्च बढ़ सकते हैं।
Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.