Amazon Web Services (AWS) ने सरकारी एजेंसियों के साथ होने वाले डेटा सेंटर समझौतों में NDA (नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट) का इस्तेमाल बंद करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य स्थानीय विरोध और निर्माण पर लगी रोक को खत्म करना है, जो कंपनी के **$220 बिलियन** के AI इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान के लिए खतरा बन गए थे।
स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव
Amazon Web Services (AWS) ने अपनी निगोशिएशन स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव करते हुए ऐलान किया है कि अक्टूबर 2026 से कंपनी सरकारी एजेंसियों के साथ काम करते समय किसी भी तरह के NDA का इस्तेमाल नहीं करेगी। यह कदम अमेरिका भर में चल रहे स्थानीय विरोध और डेटा सेंटर निर्माण पर लगी पाबंदियों के बीच उठाया गया है।
निवेशकों पर क्या होगा असर?
यह फैसला सीधे तौर पर कंपनी के भारी-भरकम कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) से जुड़ा है। Amazon ने 2026 के लिए लगभग $220 बिलियन का निवेश प्लान बनाया है, जिसका बड़ा हिस्सा AI सेवाओं के लिए फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में खर्च होना है। यदि कानूनी या ज़ोनिंग प्रतिबंधों के कारण ये प्रोजेक्ट्स अटकते हैं, तो इसका सीधा असर कंपनी की क्लाउड और AI रेवेन्यू ग्रोथ पर पड़ सकता है।
CEO की चिंता और नई पहल
AWS के CEO मैट गारमैन के अनुसार, अमेरिका में अभी 100 से ज्यादा ऐसे मामले हैं जहां डेटा सेंटर निर्माण पर अस्थाई रोक लगी हुई है। इन बाधाओं को दूर करने और जनता का भरोसा फिर से जीतने के लिए कंपनी ने 'Built Together' पहल शुरू की है। इसके तहत अगले 5 वर्षों में स्थानीय समुदायों के लिए $1 बिलियन का निवेश किया जाएगा, जिससे जॉब ट्रेनिंग और ऊर्जा दक्षता जैसे काम किए जाएंगे। यह कदम काफी हद तक माइक्रोसॉफ्ट द्वारा अपनाई गई पारदर्शिता नीति के समान है।
हालाँकि, केवल NDA हटाने से पर्यावरणीय और तकनीकी चुनौतियां खत्म नहीं होंगी। ग्रिड क्षमता और पानी की खपत जैसे मुद्दे अभी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने रहेंगे।
