Amazon, Walmart के AI टूल्स 'Made in USA' धोखाधड़ी को नजरअंदाज करते हैं: रिपोर्ट

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Amazon, Walmart के AI टूल्स 'Made in USA' धोखाधड़ी को नजरअंदाज करते हैं: रिपोर्ट

एक नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि Amazon और Walmart के AI शॉपिंग असिस्टेंट 'Made in USA' के झूठे दावों को पहचान तो लेते हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं करते। यह रिपोर्ट रेगुलेटर्स के लिए चिंता का विषय बन गई है, जो भ्रामक प्रोडक्ट लेबलिंग पर ध्यान दे रहे हैं।

Amazon और Walmart पर जांच का शिकंजा

Retail दिग्गज Amazon और Walmart हाल ही में कोलंबिया लॉ स्कूल के 'सेंटर फॉर लॉ एंड द इकोनॉमी' की एक स्टडी के कारण जांच के घेरे में आ गए हैं। इस स्टडी से पता चला है कि उनके AI शॉपिंग असिस्टेंट - Amazon का Alexa for Shopping और Walmart का Sparky - 'Made in USA' के नाम पर हो रही धोखाधड़ी को रोकने में नाकाम हैं। हैरानी की बात यह है कि AI इन प्रोडक्ट की ओरिजिन लेबलिंग में गलतियों को पकड़ तो लेता है, लेकिन सिस्टम को ऐसी भ्रामक जानकारी को प्रदर्शित होने से रोकने के लिए प्रोग्राम नहीं किया गया है।

कंपनियों का जवाब और रेगुलेटरी उम्मीदें

जब शोधकर्ताओं ने AI चैटबॉट्स से इस निष्क्रियता के बारे में पूछा, तो उन्होंने व्यावसायिक कारणों का हवाला दिया। स्टडी के अनुसार, Walmart के Sparky ने कहा कि रेगुलेटरी निगरानी आमतौर पर निर्माताओं की जिम्मेदारी होती है, न कि खुदरा विक्रेताओं की। वहीं, Amazon के Alexa ने यह संकेत दिया कि भले ही घरेलू ब्रांडों को होने वाले नुकसान को वे पहचानते हैं, लेकिन जब तक कंपनी पर सीधे तौर पर वित्तीय या प्रतिष्ठा का दबाव न आए, तब तक हस्तक्षेप करने का कोई खास प्रोत्साहन नहीं है। Amazon का कहना है कि वे प्रोडक्ट पेज पर दी गई जानकारी पर भरोसा करते हैं और अपनी सटीकता में सुधार कर रहे हैं, साथ ही उन विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई भी करते हैं जो प्लेटफॉर्म की नीतियों का उल्लंघन करते हैं।

थर्ड-पार्टी मार्केटप्लेस गवर्नेंस पर असर

यह स्टडी AI की उन्नत क्षमताओं और बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के बिजनेस मॉडल के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करती है। दोनों कंपनियां बड़ी संख्या में थर्ड-पार्टी विक्रेताओं को होस्ट करती हैं, और हजारों प्रोडक्ट लिस्टिंग की सटीकता का प्रबंधन करना एक बड़ी चुनौती है। फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, 'Made in USA' के रूप में लेबल किए गए उत्पादों का 'सभी या लगभग सभी' हिस्सा घरेलू स्तर पर निर्मित होना चाहिए। पिछले साल, FTC ने दोनों खुदरा विक्रेताओं से भ्रामक विपणन प्रथाओं को रोकने के लिए विक्रेता घोषणाओं पर अपनी निगरानी बढ़ाने का आग्रह किया था।

निवेशकों और बाजार पर्यवेक्षकों के लिए, यह मुद्दा केवल लेबलिंग का नहीं है - यह थर्ड-पार्टी मार्केटप्लेस के प्लेटफॉर्म गवर्नेंस के बारे में है। जैसे-जैसे AI टूल्स शॉपिंग अनुभव में अधिक एकीकृत होते जा रहे हैं, रेगुलेटर्स इस बात पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि प्लेटफॉर्म उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए इन टूल्स का उपयोग कैसे करते हैं। पूर्व FTC चेयर लिना खान जैसे विशेषज्ञों का शामिल होना, जिन्होंने पहले Amazon के व्यावसायिक प्रथाओं की जांच की थी, यह बताता है कि बड़े खुदरा विक्रेताओं पर अपने मार्केटप्लेस को अधिक प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने का दबाव कम होने की संभावना नहीं है। निवेशकों के लिए अगले कदम यह देखना होगा कि क्या यह नियामक ध्यान सख्त विक्रेता अनुपालन आवश्यकताओं या संभावित नीति परिवर्तनों की ओर ले जाता है जो इन खुदरा दिग्गजों के लिए परिचालन लागत बढ़ा सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.