Amazon के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है! कंपनी के शेयरों में **10%** की जोरदार तेजी आई है, जिसका मुख्य कारण क्लाउड कंप्यूटिंग डिविजन AWS का शानदार प्रदर्शन है। AWS का रेवेन्यू **$42 अरब** को पार कर गया है, जो पिछले साल की तुलना में **37%** ज़्यादा है।
AWS का दम और कंपनी का बड़ा दांव
Amazon Web Services (AWS) की इस तिमाही की कमाई $42 अरब रही, जो पिछले साल की इसी अवधि से 37% ज़्यादा है। यह ग्रोथ Amazon के क्लाउड बिजनेस की मजबूती को दिखाता है, जो कंपनी के लिए कमाई का एक अहम जरिया है।
एक्सपेंशन पर भारी खर्च और कैश पर असर
हालांकि, Amazon भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक बड़ा कदम उठा रही है। कंपनी ने AI डेटा सेंटरों के सपोर्ट के लिए 2026 तक के अपने एक्सपेंशन खर्च का अनुमान $200 अरब से बढ़ाकर $220 अरब कर दिया है। इस साल जून 30 तक, कंपनी ने प्रॉपर्टी और इक्विपमेंट पर $173 अरब खर्च किए, जो पिछले साल के $107.65 अरब से काफी ज़्यादा है।
इस बड़े पैमाने पर हो रहे खर्च की वजह से कंपनी के कैश रिजर्व में कमी आई है। Amazon के पास पिछले साल के मुकाबले $7.6 अरब कैश कम है, और कंपनी फिलहाल निगेटिव फ्री कैश फ्लो (Negative Free Cash Flow) में है। निवेशकों के लिए यह एक चुनौती है कि वे इस भारी खर्च को नए एसेट्स से होने वाली कमाई के साथ कैसे संतुलित करेंगे। डेटा सेंटरों को तैयार होने और चालू होने में समय लगता है, इसलिए इस खर्च का पूरा फायदा तुरंत मिलने की उम्मीद नहीं है।
AI में Amazon की रणनीति
Amazon अपनी खुद की टेक्नोलॉजी, जैसे Trainium TPUs और Graviton processors, विकसित करके कॉम्पिटिटिव एज (Competitive Edge) हासिल करने की कोशिश कर रही है। अपने हार्डवेयर पर फोकस करके, कंपनी क्लाउड परफॉरमेंस को बेहतर बनाने और प्रॉफिट मार्जिन को बचाने का लक्ष्य रखती है। यह इंडस्ट्री का एक बड़ा ट्रेंड है, जहां टेक कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही हैं।
बाजार की प्रतिक्रिया अभी चुनिंदा दिख रही है। जहां Amazon जैसी क्लाउड-केंद्रित कंपनियों को पॉजिटिव सेंटीमेंट मिल रहा है, वहीं Meta Platforms जैसी कंपनियों के शेयरों में 8% की गिरावट आई है। ऐसा इसलिए है क्योंकि निवेशक खर्च और तुरंत मिलने वाले रिटर्न के बीच के संबंध को अलग-अलग देख रहे हैं। जिन कंपनियों के पास क्लाउड सेवाओं से स्पष्ट और बढ़ती हुई रेवेन्यू स्ट्रीम (Revenue Stream) है, उन्हें फिलहाल ज़्यादा तरजीह दी जा रही है।
