Amazon के निवेशकों के लिए मुसीबत बढ़ गई है। US Federal Trade Commission (FTC) ने कंपनी पर विज्ञापन नीलामी में हेरफेर करने का मुकदमा ठोका है, जिससे शेयर **3%** से ज्यादा लुढ़क गया है।
कानूनी शिकंजे में Amazon
Amazon के शेयरों में आज भारी दबाव देखा गया और भाव $260 के नीचे आ गया। US Federal Trade Commission (FTC) और 22 राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने वाशिंगटन की कोर्ट में एक बड़ा मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि ई-कॉमर्स दिग्गज ने अपने डिजिटल विज्ञापन नीलामी सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया कि विक्रेताओं पर लागत का बोझ कृत्रिम रूप से बढ़ गया।
नीलामी में 'फैंटम बिडर' का खेल?
शिकायत के मुताबिक, Amazon पहले एक निष्पक्ष नीलामी प्रक्रिया का वादा करता था, जहां विज्ञापनदाताओं को दूसरे सबसे ऊंचे बोलीदाता से केवल एक सेंट अधिक चुकाना होता था। हालांकि, FTC का दावा है कि 2019 से कंपनी ने चुपके से 'सॉफ्ट रिजर्व प्राइस' और 'फैंटम बिडर' जैसे हथकंडे अपनाए। इससे विक्रेताओं को नीलामी जीतने के लिए अपनी पूरी अधिकतम बोली चुकानी पड़ती थी। नियामकों का अनुमान है कि इस प्रक्रिया से करीब 12 लाख से ज्यादा विक्रेताओं पर $20 बिलियन से अधिक का अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
बिजनेस मॉडल पर असर
Amazon का विज्ञापन बिजनेस उसकी कमाई का एक मुख्य स्रोत है, जिसने 2025 में लगभग $68 बिलियन का रेवेन्यू जेनरेट किया था। यह कंपनी के रिटेल ऑपरेशंस की तुलना में बहुत अधिक मार्जिन वाला सेगमेंट है। अगर कोर्ट का फैसला कंपनी के खिलाफ आता है, तो न केवल भारी जुर्माना लग सकता है, बल्कि विज्ञापन नीलामी के पूरे मॉडल को बदलना पड़ सकता है।
कंपनी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। Amazon का कहना है कि यह मामला डिजिटल नीलामी की जटिलताओं को न समझने का नतीजा है। फिलहाल निवेशक इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या विज्ञापनदाता Google या Meta जैसे विकल्पों की ओर रुख करेंगे।
