Amazon के तीसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे हैं। रिटेल सेक्टर के सुस्त प्रदर्शन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में किए गए भारी निवेश के चलते कंपनी का फ्री कैश फ्लो नेगेटिव हो गया है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
Amazon के हालिया नतीजों में कंपनी के क्लाउड बिजनेस की चमक और रिटेल कारोबार की सुस्ती के बीच साफ अंतर दिख रहा है। कंपनी ने बाजार की उम्मीदों को झटका देते हुए $201.9 बिलियन की नेट सेल्स दर्ज की, जबकि अनुमान $202.2 बिलियन का था। वहीं, अर्निंग पर शेयर (EPS) $1.89 रहा, जो विश्लेषकों के $1.97 के टारगेट से कम है।
क्लाउड की मजबूती और रिटेल की चुनौती
कंपनी का क्लाउड आर्म, Amazon Web Services (AWS), एक बार फिर उम्मीदों पर खरा उतरा है। इसने $45.98 बिलियन का रेवेन्यू जेनरेट किया, जो $45.29 बिलियन के अनुमान से बेहतर है। इस यूनिट का ऑपरेटिंग प्रॉफिट उछलकर $17.8 बिलियन हो गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में $11.4 बिलियन था। लेकिन, क्लाउड की यह सफलता रिटेल कारोबार की कमजोरी को पूरी तरह ढंक नहीं पाई, जिससे मार्जिन पर दबाव साफ दिख रहा है।
AI का दांव और कैश फ्लो पर संकट
कंपनी की बैलेंस शीट पर सबसे बड़ा दबाव AI में किए जा रहे निवेश का है। Amazon का फ्री कैश फ्लो नेगेटिव $42.4 बिलियन दर्ज किया गया है, जो पिछले साल $14.8 बिलियन पॉजिटिव था। कंपनी अब कमाई से ज्यादा पैसा भविष्य की ग्रोथ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कर रही है। अनुमान है कि साल 2026 में कैपिटल स्पेंडिंग $220 बिलियन तक पहुंच सकती है।
हालांकि कंपनी ने चौथी तिमाही के लिए $240 बिलियन से $247 बिलियन के सेल्स का अनुमान दिया है, लेकिन अब निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह रिकॉर्ड निवेश फेस्टिव सीजन के दौरान कंपनी को मुनाफा दिला पाएगा।
