Amazon vs Meta: ई-कॉमर्स की जंग में Amazon ने ब्लॉक किया Muse AI, निवेशकों की चिंता बढ़ी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Amazon vs Meta: ई-कॉमर्स की जंग में Amazon ने ब्लॉक किया Muse AI, निवेशकों की चिंता बढ़ी

Amazon ने अपने प्लेटफॉर्म से Meta के नए Muse AI एजेंट को ब्लॉक कर दिया है। कंपनी का कहना है कि यह एक्सेस बिना अनुमति के लिया जा रहा था। इस विवाद ने 'एजेंटिक कॉमर्स' (Agentic Commerce) के भविष्य और Amazon के विज्ञापन रेवेन्यू पर नए खतरे खड़े कर दिए हैं।

विवाद की जड़ क्या है?

Amazon ने आधिकारिक तौर पर Meta के Muse AI टूल को अपनी वेबसाइट Amazon.com पर खरीदारी करने से रोक दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब Meta ने कथित तौर पर Amazon को अपनी सर्विस से हटाने से इनकार कर दिया। Amazon का तर्क है कि ग्राहकों के लिए खरीदारी करने वाले किसी भी AI एजेंट को कंपनी के तय नियमों और शर्तों का पालन करना अनिवार्य है, ठीक वैसे ही जैसे ट्रैवल एजेंसियां या फूड डिलीवरी कंपनियां करती हैं।

क्यों डर रहे हैं निवेशक?

Amazon का मुख्य बिजनेस मॉडल इस बात पर टिका है कि ग्राहक सीधे उनकी वेबसाइट पर आएं, प्रोडक्ट्स सर्च करें और विज्ञापनों (Advertisements) के साथ इंटरैक्ट करें। विज्ञापन कंपनी के रेवेन्यू का एक बड़ा जरिया हैं। अगर Muse जैसे AI एजेंट सीधे मध्यस्थ बनकर काम करेंगे, तो वे अलग-अलग वेबसाइट्स पर दाम की तुलना कर लेंगे। इससे ग्राहक Amazon के ऑर्गेनिक लिस्टिंग्स या विज्ञापनों को देख ही नहीं पाएंगे, जिससे Amazon और उसके ग्राहकों के बीच का सीधा रिश्ता कमजोर हो सकता है।

डेटा और कंट्रोल की लड़ाई

यह पहली बार नहीं है जब Amazon ने बाहरी AI एक्सेस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। इससे पहले कंपनी का Perplexity AI के साथ भी डेटा एक्सेस को लेकर विवाद हो चुका है। यह साफ है कि Amazon अपने डेटा और विज्ञापन इन्वेंट्री पर बाहरी सिस्टम के अनधिकृत नियंत्रण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करना चाहता। दूसरी ओर, Meta का लक्ष्य अपने एजेंट को इतना उपयोगी बनाना है कि उसे हर वेबसाइट के साथ अलग कमर्शियल एग्रीमेंट न करना पड़े।

फिलहाल, Amazon अपने खुद के AI शॉपिंग टूल्स पर भी काम कर रहा है, जो यह दर्शाता है कि कंपनी ऑटोमेशन के खिलाफ नहीं है, बल्कि अनधिकृत एक्सेस पर अपना कड़ा नियंत्रण चाहती है। आने वाले समय में वेब स्क्रेपिंग और बॉट एक्सेस को लेकर होने वाले रेगुलेटरी बदलाव ऑनलाइन कॉमर्स के पूरे लैंडस्केप को बदल सकते हैं, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.