Amazon ने अपने वॉयस असिस्टेंट Alexa में **100** से ज्यादा नए फीचर्स जोड़े हैं। अब यूजर्स बोलकर ही सब्सक्रिप्शन, पेमेंट और डिलीवरी इंस्ट्रक्शन मैनेज कर सकेंगे, जिससे शॉपिंग का अनुभव और भी आसान हो जाएगा।
Amazon अब अपने वॉयस असिस्टेंट Alexa को एक स्मार्ट शॉपिंग 'एजेंट' में बदल रहा है। इस अपडेट के साथ, यूजर्स को ऐप या वेब मेन्यू में उलझने की जरूरत नहीं होगी। अब आप बोलकर ही अपने सब्सक्रिप्शन का शेड्यूल बदल सकते हैं, डिलीवरी लोकेशन अपडेट कर सकते हैं और पेमेंट से जुड़े सवालों के जवाब पा सकते हैं।
कंपनी की स्ट्रैटेजी और 'Agentic AI'
यह बदलाव कंपनी की 'एजेंटिक एआई' (Agentic AI) की रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य यूजर के खरीदारी के सफर को पूरी तरह से ऑटोमेट करना है। कंपनी का मानना है कि इससे न केवल ग्राहकों का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि Amazon Prime के प्रति उनका जुड़ाव (Stickiness) भी बढ़ेगा।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
इन्वेस्टर्स की नजरें इस बात पर हैं कि कैसे यह नई तकनीक कंपनी के खर्चों को कम करती है। पिछले एक साल में 40 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों ने Alexa का इस्तेमाल खरीदारी के लिए किया है। अगर कस्टमर सर्विस से जुड़ी छोटी-मोटी क्वेरीज को एआई (AI) के जरिए हल किया जाता है, तो कंपनी की ऑपरेटिंग कॉस्ट में बड़ी कमी आ सकती है।
भारतीय बाजार में चुनौती
भारत जैसे बाजार में, जहां Flipkart और कई क्विक-कॉमर्स कंपनियां तेजी से अपनी जगह बना रही हैं, Amazon का यह कदम टेक्नोलॉजी के दम पर बढ़त बनाने की कोशिश है। हालांकि, भारतीय भाषाओं की जटिलता और डेटा प्राइवेसी की चिंताओं को संभालना कंपनी के लिए चुनौती बनी रहेगी। फिलहाल कंपनी ने इस साल अपने ऑटोमेटेड फीचर्स के इस्तेमाल में 8 गुना उछाल देखा है, लेकिन देखना यह होगा कि क्या यह आने वाले समय में सेल्स ग्रोथ में भी तब्दील हो पाता है या नहीं।
