YouTube अपने प्लेटफॉर्म पर AI-पावर्ड कस्टम फीड्स लेकर आ रहा है। Google की Gemini AI तकनीक की मदद से यूजर्स अब टेक्स्ट प्रॉम्प्ट्स के जरिए अपने पसंद के वीडियो स्ट्रीम बना सकेंगे। Alphabet का यह कदम यूजर रिटेंशन बढ़ाने और एड रेवेन्यू में इजाफा करने की स्ट्रैटेजी है।
YouTube के मालिकाना हक वाली Alphabet अब कंटेंट डिस्कवरी को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। अब तक यूजर्स केवल एल्गोरिदम के सुझावों पर निर्भर थे, लेकिन नई सुविधा के साथ वे टेक्स्ट प्रॉम्प्ट्स का उपयोग करके अपनी पसंद के वीडियो की स्ट्रीम खुद तैयार कर सकेंगे। यह टूल सीधे 20 अरब से ज्यादा वीडियो की विशाल लाइब्रेरी को व्यवस्थित करने में मदद करेगा।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
Alphabet के निवेशकों के लिए यह एक अहम अपडेट है। YouTube, Google के एडवर्टाइजिंग बिजनेस का एक प्रमुख स्तंभ है। कंपनी का रेवेन्यू मुख्य रूप से एड इम्प्रेशन्स पर निर्भर करता है, और यूजर जितना ज्यादा समय प्लेटफॉर्म पर बिताएंगे, कंपनी की कमाई उतनी ही बढ़ेगी। पर्सनलाइजेशन के जरिए Alphabet यूजर्स को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म से जोड़े रखना चाहती है।
कॉम्पिटिशन की जंग
वीडियो स्ट्रीमिंग की रेस में Meta (Instagram, Threads) और TikTok जैसे प्लेटफॉर्म्स पहले से ही AI का आक्रामक इस्तेमाल कर रहे हैं। Alphabet अब अपनी खुद की Gemini AI तकनीक का उपयोग करके एक मजबूत डिफेंसिव एडवांटेज बनाने की कोशिश कर रही है।
यह फीचर अगले महीने से वेब और मोबाइल यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा। बाजार की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या AI-क्यूरेटेड डिस्कवरी से एंगेजमेंट मेट्रिक्स में वाकई कोई बड़ा सुधार आता है, जो सीधे कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर असर डालेगा।
