Alphabet के स्वामित्व वाली कंपनी Waymo को टोरंटो, कनाडा में सेल्फ-ड्राइविंग कारों के परीक्षण के लिए नियामक मंजूरी मिल गई है। यह पहली बार है जब कंपनी खराब मौसम और बर्फबारी के बीच अपनी तकनीक का टेस्ट करेगी, जो इसके ग्लोबल विस्तार के लिए एक बड़ा कदम है।
बर्फबारी में तकनीक की असली परीक्षा
Alphabet की सेल्फ-ड्राइविंग यूनिट, Waymo ने टोरंटो में अपना पायलट प्रोग्राम शुरू कर एक बड़ा दांव खेला है। अभी तक कंपनी कैलिफोर्निया और एरिज़ोना जैसे गर्म इलाकों में ही काम कर रही थी, लेकिन अब कंपनी बर्फीली और चुनौतीपूर्ण जलवायु में अपनी क्षमता को परख रही है।
निवेशकों के लिए यह एक बड़ी 'टेक्नोलॉजिकल वैलिडेशन' वाली खबर है। दरअसल, LiDAR और कैमरा जैसे सेंसर्स अक्सर बर्फ और खराब विजिबिलिटी के कारण फेल हो जाते हैं। यदि Waymo टोरंटो में सफल होती है, तो कंपनी के लिए ग्लोबल मार्केट का रास्ता खुल जाएगा। कंपनी फिलहाल फेज्ड अप्रोच अपना रही है, जिसमें पहले मैपिंग और फिर ह्यूमन-सुपरवाइज्ड टेस्टिंग होगी।
ऑपरेशनल मॉडल में बदलाव
Waymo ने इस बार अपने काम करने के तरीके में भी बदलाव किया है। कंपनी ने टोरंटो में Element Fleet Management के साथ साझेदारी की है। इससे यह साफ है कि कंपनी अब खुद सब कुछ बनाने के बजाय स्थानीय लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करना चाहती है, ताकि कैपिटल खर्च को कंट्रोल किया जा सके।
Alphabet के फाइनेंशियल स्ट्रक्चर में Waymo को 'Other Bets' सेगमेंट में रखा गया है। निवेशकों की नजरें इस सेगमेंट पर इसलिए रहती हैं क्योंकि यहां बड़े निवेश की जरूरत होती है और भविष्य में मुनाफे की उम्मीद होती है। फिलहाल, टेक्निकल चुनौतियां और रेगुलेटरी क्लीयरेंस ही कंपनी के लिए सबसे बड़े रिस्क फैक्टर बने हुए हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि टोरंटो और लंदन जैसे शहरों के पायलट प्रोजेक्ट्स कब तक कमर्शियल मुनाफे में तब्दील हो पाते हैं।
