Alphabet का Gemini पहुंचा 1 अरब यूजर के करीब, OpenAI को टक्कर

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Alphabet का Gemini पहुंचा 1 अरब यूजर के करीब, OpenAI को टक्कर

Alphabet की AI असिस्टेंट Gemini अब 95 करोड़ मासिक यूजर्स के साथ OpenAI के ChatGPT को सीधी टक्कर दे रही है। पिछले साल के मुकाबले तीन गुना बढ़ी यूजर्स की संख्या, Android और iOS पर इंटीग्रेशन और नए AI फीचर्स बने बड़ी वजह।

Detailed Coverage

Alphabet, जो Google की पैरेंट कंपनी है, ने घोषणा की है कि उसकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) असिस्टेंट Gemini अब 95 करोड़ मासिक सक्रिय यूजर्स तक पहुँच गई है। यह पिछले साल इसी अवधि की तुलना में तीन गुना वृद्धि का संकेत देता है, जो Google के कंज्यूमर-फेसिंग AI टूल्स को अपनाने में तेजी का साफ इशारा है।

प्रोडक्ट इंटीग्रेशन से बढ़ी यूजर्स की संख्या

Google के नेतृत्व ने Q2 2026 की अर्निंग्स कॉल के दौरान बताया कि इस ग्रोथ का श्रेय नए फीचर्स के आक्रामक रोलआउट को जाता है। 'डेली ब्रीफ' (Daily Brief) और 'Gemini स्पार्क' (Gemini Spark) जैसे पर्सनल असिस्टेंट टूल्स यूजर्स को जोड़ने में अहम साबित हुए हैं। इन सर्विसेज को सीधे Android में इंटीग्रेट करने और iOS पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने से, Google ने आम यूजर्स के लिए AI असिस्टेंट इस्तेमाल करना बेहद आसान बना दिया है।

Appfigures के आंकड़ों के मुताबिक, अकेले Gemini ऐप को पिछले साल Apple के iOS प्लेटफॉर्म पर 13.7 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया। यह दिखाता है कि कंपनी अपने मोबाइल इकोसिस्टम के बाहर भी AI असिस्टेंट मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।

प्रतिस्पर्धा और मार्केट में हलचल

यूजर्स की यह बढ़ती संख्या सीधे तौर पर उस कॉम्पिटिशन को बढ़ा रही है जहां OpenAI के ChatGPT का दबदबा था। इंडस्ट्री एनालिटिक्स फर्म सेंसर टॉवर (Sensor Tower) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में ChatGPT का मार्केट शेयर पहली बार 50% से नीचे गिर गया, जबकि Gemini की हिस्सेदारी बढ़कर 27.7% हो गई। यह बदलाव दर्शाता है कि यूजर्स अब AI टूल्स का इस्तेमाल अलग-अलग कर रहे हैं, और Google का सर्च में गहरा इंटीग्रेशन एक बड़ा सपोर्टिंग फैक्टर बन रहा है।

Gemini असिस्टेंट के अलावा, Google ने यह भी बताया कि उसका AI-संचालित सर्च मोड, जो सीधे सवालों के जवाब देता है, 1 अरब यूजर्स के आंकड़े को पार कर चुका है। कंपनी का कहना है कि सर्च में इस AI ओवरहॉल के कारण कुल सर्च क्वेरीज में बढ़ोतरी हुई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि AI इंटीग्रेशन पारंपरिक सर्च आदतों को बदलने के बजाय प्लेटफॉर्म की ओवरऑल एक्टिविटी को बढ़ा रहा है।

लागत प्रबंधन और भविष्य का आउटलुक

निवेशकों के लिए, एक अहम बात यह है कि Google जटिल AI मॉडल चलाने से जुड़ी भारी कंप्यूटिंग लागतों को कैसे मैनेज करता है। Alphabet मैनेजमेंट ने बताया कि हार्डवेयर और मॉडल एफिशिएंसी में हालिया इंजीनियरिंग इनोवेशन ने प्रति AI इंटरेक्शन ऑपरेशनल कॉस्ट को सफलतापूर्वक कम किया है। 'नैनो बनाना' (Nano Banana) जैसे इमेज जेनरेशन मॉडल को स्केल करते हुए इन कम लागतों को बनाए रखना, प्रॉफिट मार्जिन को सस्टेन करने के लिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि कंपनी AI रिसर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च कर रही है। भविष्य के अपडेट्स इस बात पर केंद्रित होंगे कि क्या Gemini, ChatGPT के साथ उपयोग के अंतर को और कम कर पाता है और क्या बढ़ी हुई सर्च क्वेरी वॉल्यूम सस्टेनेबल एडवरटाइजिंग रेवेन्यू ग्रोथ में तब्दील होती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.