Alphabet अपने AI सर्च समरी में अब वेबसाइटों के लिए और अधिक डायरेक्ट लिंक्स जोड़ रहा है। पब्लिशर्स के रेफरल ट्रैफिक में **40%** की भारी गिरावट के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है ताकि कंटेंट क्रिएटर्स के साथ रिश्तों को सुधारा जा सके और रेगुलेटरी दबाव को कम किया जा सके।
ट्रैफिक में गिरावट और सुधार की कोशिश
Alphabet ने अपने 'AI ओवरव्यूज' (AI Overviews) के काम करने के तरीके में बदलाव किया है। कंपनी ने अब सर्च समरी में अधिक स्पष्ट लिंक कैरोसेल (Link Carousels) को जगह दी है। यह बदलाव पब्लिशर्स और मीडिया ग्रुप्स की शिकायतों के बाद आया है, जिन्होंने रिपोर्ट किया था कि AI द्वारा जनरेट किए गए जवाबों के कारण उनके पास आने वाले विजिटर्स की संख्या में बड़ी कमी आई है।
बिजनेस मॉडल के लिए खतरा
कंसल्टेंसी फर्म Chartbeat के डेटा के अनुसार, न्यूज वेबसाइट्स पर रेफरल ट्रैफिक जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के बीच 40% तक घट गया है। Alphabet के लिए यह एक गंभीर चुनौती है, क्योंकि उसका पूरा विज्ञापन रेवेन्यू मॉडल इस बात पर टिका है कि यूजर्स सर्च से वेबसाइट्स तक पहुंचें। अगर पब्लिशर्स अपने कंटेंट को क्रॉल होने से ब्लॉक करते हैं, तो Google के डेटा की क्वालिटी प्रभावित हो सकती है।
रेगुलेटरी दबाव और कानूनी चुनौतियां
Alphabet पर सिर्फ पब्लिशर्स का ही नहीं, बल्कि ग्लोबल रेगुलेटर्स का भी दबाव है। अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) में एंटीट्रस्ट अथॉरिटीज कंपनी की जांच कर रही हैं। यूरोप में 'डिजिटल मार्केट्स एक्ट' (Digital Markets Act) के तहत कंटेंट प्रोवाइडर्स के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है। फ्रांस के पब्लिशर्स ग्रुप्स का तर्क है कि AI स्क्रैपिंग मौजूदा एग्रीमेंट्स का उल्लंघन हो सकता है, जिससे कंपनी पर भारी जुर्माना या संचालन में बदलाव का खतरा मंडरा रहा है।
भविष्य की रणनीति
CEO सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) ने बताया है कि AI ओवरव्यूज का उपयोग 2 बिलियन से अधिक मंथली यूजर्स कर रहे हैं। कंपनी अब यूजर की सुविधा और कंटेंट इकोसिस्टम को हेल्दी रखने के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ये बदलाव यूजर एंगेजमेंट और कानूनी विवादों को शांत कर पाते हैं या नहीं।
