Alphabet के शेयरों में आज भारी बिकवाली देखने को मिली है। कंपनी का तिमाही प्रॉफिट गिरकर **$26.17 बिलियन** रहा, जो उम्मीदों से कम है। AI इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते भारी खर्च के कारण कंपनी का फ्री कैश फ्लो नेगेटिव हो गया है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
Alphabet के शेयरों में आई 13% की यह गिरावट कंपनी के हालिया इतिहास के सबसे बड़े उतार-चढ़ाव में से एक है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस में खुद को सबसे आगे रखने के लिए भारी निवेश कर रही है। हालांकि कंपनी ने 24.7% की बढ़त के साथ $127.58 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, लेकिन कमजोर मुनाफे और बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों ने मार्केट का मूड बिगाड़ दिया।
क्यों बढ़ रही है निवेशकों की चिंता?
चिंता की सबसे बड़ी वजह कंपनी का कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) है। Alphabet ने इस तिमाही में $51.36 बिलियन खर्च किए, जो मुख्य रूप से जेनरेटिव AI के लिए डेटा सेंटर्स और हार्डवेयर पर खर्च हुए हैं। इस भारी खर्च का नतीजा यह रहा कि कंपनी का फ्री कैश फ्लो $9.07 बिलियन के नेगेटिव दायरे में चला गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह $24.55 बिलियन के सरप्लस में था। इसके अलावा, नेट इनकम भी $34.98 बिलियन से घटकर $26.17 बिलियन रह गई, जिसमें SpaceX जैसे इक्विटी इन्वेस्टमेंट पर हुए $8.66 बिलियन का नुकसान भी शामिल है।
Google Cloud बना उम्मीद की किरण
पूरी तस्वीर खराब नहीं है। कंपनी का क्लाउड डिवीजन (Google Cloud) शानदार प्रदर्शन कर रहा है। इसके रेवेन्यू में 103% का उछाल आया है और यह $30.71 बिलियन तक पहुंच गया है। कंपनी के CEO सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) का कहना है कि सर्च क्वेरी में रिकॉर्ड ग्रोथ देखी जा रही है और क्लाउड बिजनेस का रन रेट काफी मजबूत है।
अब आगे क्या?
अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह भारी निवेश भविष्य में कंपनी को लीडर बनाएगा या फिर यह शेयरहोल्डर वैल्यू के लिए बोझ बना रहेगा। निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण मीट्रिक यह होगा कि कंपनी का कैश फ्लो कब दोबारा पॉजिटिव जोन में आता है और वह AI निवेश को मुनाफे में कैसे बदलती है।
