Alphabet, Meta और TikTok ने कैलिफोर्निया के नए Assembly Bill 1709 को चुनौती दी है। इस कानून के तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ऑटो-प्ले और पर्सनलाइज्ड फीड पर रोक लगाने की तैयारी है, जिससे इन टेक कंपनियों के रेवेन्यू मॉडल पर बड़ा असर पड़ सकता है।
कानून का दायरा और समय सीमा
कैलिफोर्निया में 10 सितंबर को पास हुए Assembly Bill 1709 ने टेक दिग्गजों की चिंता बढ़ा दी है। यह कानून 1 जनवरी, 2027 से प्रभावी होना है, जिसके तहत 16 साल से कम उम्र के यूजर्स को पर्सनलाइज्ड कंटेंट और ऑटो-प्ले वीडियो जैसे फीचर्स देने पर पाबंदी लग सकती है। इन कंपनियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है क्योंकि उनके बिजनेस मॉडल का आधार ही 'यूजर एंगेजमेंट' है।
निवेशकों के लिए क्या है खतरा?
इन्वेस्टर्स की नजर इस बात पर है कि अगर ये फीचर्स बंद होते हैं, तो ऐप पर बिताया जाने वाला कुल समय घट सकता है। समय कम होने का सीधा मतलब है कम 'ऐड इन्वेंट्री' और भविष्य में रेवेन्यू ग्रोथ पर असर। इन कंपनियों का तर्क है कि यह कानून उनके 'फर्स्ट अमेंडमेंट' अधिकारों का उल्लंघन करता है।
कानूनी दांव-पेच
टेक कंपनियों ने अपने बचाव के लिए 'सेक्शन 230' (Section 230) का सहारा लिया है। यह फेडरल लॉ इन कंपनियों को यूजर्स द्वारा इंटरैक्ट किए गए कंटेंट की जिम्मेदारी से सुरक्षा देता है। कंपनियां यह डर जता रही हैं कि यदि स्टेट-लेवल के नियम लागू हुए, तो फेडरल प्रोटेक्शन का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।
आगे का रास्ता
यह मामला केवल कैलिफोर्निया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह टेक कंपनियों और रेगुलेटर्स के बीच चल रही लंबी लड़ाई का हिस्सा है। भविष्य में यदि कोर्ट ने इस कानून को सही ठहराया, तो यह एक बड़ा प्रेसिडेंट बन सकता है, जिससे अन्य राज्यों में भी ऐसे ही सख्त नियम लागू हो सकते हैं। इससे कंपनियों को अपने ऐप के आर्किटेक्चर में महंगे बदलाव करने पड़ सकते हैं।
