Alphabet के सामने यूरोप में बड़ी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। यूरोपीय रेगुलेटर्स अब Google द्वारा किए गए बदलावों की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि यह तय किया जा सके कि कंपनी ने एंटीट्रस्ट जुर्माने के बाद अपने सर्च रैंकिंग और ऐप स्टोर फीस के नियमों में सही सुधार किए हैं या नहीं।
जुलाई 2026 में $1 अरब के भारी-भरकम एंटीट्रस्ट जुर्माने के बाद, अब यूरोपीय आयोग (European Commission) ने Google के साथ एक सक्रिय बातचीत शुरू की है। यह पूरी कवायद यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कंपनी डिजिटल मार्केट्स एक्ट (Digital Markets Act) के नियमों का सही पालन कर रही है या नहीं।\n\n### विवाद के मुख्य बिंदु\nरेगुलेटर्स ने मुख्य रूप से दो मोर्चों पर कार्रवाई की है:\n1. सर्च रैंकिंग: Google द्वारा अपने ही सर्विसेज को सर्च रिजल्ट्स में प्राथमिकता देना।\n2. Google Play Store: ऐप डेवलपर्स के लिए फीस और प्राइसिंग संबंधी प्रतिबंधात्मक नीतियां।\n\n### निवेशकों के लिए जोखिम\nहालांकि Google ने अपने सर्च इंजन और ऐप स्टोर फीस स्ट्रक्चर में कुछ बदलाव किए हैं, लेकिन यूरोपीय अधिकारियों ने अभी तक इन्हें मंजूरी नहीं दी है। फिलहाल, अधिकारी अन्य मार्केट पार्टिसिपेंट्स से फीडबैक ले रहे हैं। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क यह है कि अगर मौजूदा सुधार नाकाफी पाए गए, तो कंपनी पर और अधिक पेनल्टी लग सकती है।\n\nफिलहाल Alphabet का शेयर $357 के आसपास स्थिर बना हुआ है, लेकिन बाजार की नजरें 28 अक्टूबर को आने वाले कंपनी के Q3 रिजल्ट्स पर टिकी हैं। एआई (AI) प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश और यूरोप में बढ़ते रेगुलेटरी खर्च के बीच, कंपनी के मुनाफे पर दबाव पड़ने की आशंका है।
